दिवाली के बाद हॉट सिटी के आसमान पर छाए स्मॉग से बनी घुटन पर एओए फेडरेशन ऑफ गाजियाबाद ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कटघरे में खड़ा कर दिया है। फेडरेशन का कहना है कि ऐसी जगह पर मॉनीटरिंग का क्या फायदा जहां मापने पर प्रदूषण कम ही आए।
उनकी मांग है कि भीड़भाड़ वाले प्रमुख चौराहों और जगहों पर मशीनें लगाकर प्रदूषण की जांच की जाए, जिससे प्रदूषण की सही स्थिति सामने आ सके।फेडरेशन के अध्यक्ष कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गाजियाबाद में पीएम-2.5 के स्तर को सीवियर क्रिटिकल जोन में नहीं मानता है, जबकि ये झूठ है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीएम 2.5 की जांच वसुंधरा स्थित अपने कार्यालय और सुशीला कन्या महाविद्यालय पर करता है, जो कम भीड़भाड़ वाले इलाके हैं। इसके बावजूद यहां पीएम 2.5 का स्तर मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से चार गुना ज्यादा है।
ऐसे में जांच मोहन नगर, राज नगर एक्सटेंशन जैसी व्यस्त जगहों पर की जानी चाहिए, जिससे प्रदूषण का सही आंकड़ा मिल सके जो मानक से 10 गुना अधिक निकलेगा। बोर्ड को जांच के लिए फेडरेशन की ओर से जगह भी सुझाई गई, जहां पर कभी जांच नहीं की गई और न ही कोई प्रिवेंटिस एक्शन लिए गए,
जिसका नतीजा स्मॉग के तौर पर सामने आया और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस मामले में जिलाधिकारी से मुलाकात कर बोर्ड से जवाब लेने की मांग की जाएगी।फेडरेशन के महासचिव मुकेश अग्रवाल ने बताया कि शहर को प्रदूषण से बचाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा सकते हैं। शहर में जीडीए 200 सीएनजी बसें चलाए।
हिंडन घाट पर मोक्षदा प्रणाली लागू की जाए, जिससे अंतिम संस्कार में कम लकड़ी का प्रयोग हो। फैक्ट्रियों और ईंट भट्टों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नागरिक प्रतिनिधियों को पीसीबी में शामिल जाए। वायु प्रदूषण पर मानकों का पालन नहीं करने वाले बिल्डरों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
सरकारी विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी हर महीने की 10 तारीख को कार फ्री डे मनाएं। शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए, जिससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई संभव हो। कूड़ा को जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। रात में ही सड़कों की सफाई का काम किया जाए। पावर करपोरेशन 24 घंटे बिजली मुहैया कराए, जिससे जनरेटरों का धुआं नहीं फैले।
नहीं होती प्रदूषण की रियल टाइम मॉनीटरिंग
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकरी पारसनाथ ने बताया कि गाजियाबाद में प्रदूषण की रियल टाइम मॉनीटरिंग के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया। दिल्ली-एनसीआर में रियल टाइम मॉनीटरिंग हो रही है लेकिन गाजियाबाद में अभी तक यह सुविधा नहीं, जिसके लिए मशीनें लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
एयर इंडेक्स क्वालिटी में आया सुधार
बुधवार को एयर इंडेक्स क्वालिटी में और सुधार देखा गया है। एयर इंडेक्स क्वालिटी 515 पर आ गई, जबकि मंगलवार को ये 611 थी। पीएम-10 के कण 365 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा।