संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। जिले में पिछले करीब 15 दिनों से वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। इसका असर पर पार्कों में भी दिख रहा है। सुबह और शाम के समय पार्कों में टहलने वाले बुजुर्गों की संख्या में पहले के मुकाबले कमी आई है। बहुत खराब श्रेणी में वायु प्रदूषण रहने के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। साथ ही सांसें भी फूल रही हैं। स्मॉग का असर भी सड़कों पर सुबह के समय साफ दिखाई भी देता है।
जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण जिले की प्राणवायु जहरीली बनी हुई है। इस कारण अब चलते समय लोगों की सांसें फुल रही हैं। सांसों पर संकट बरकरार रहने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। विशेषकर, हृदय और श्वांस के मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तमाम शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अभी तक जिले में मात्र धौलाना में पांच निर्माणाधीन फैक्टरियों के संचालकों पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है जबकि, सड़कों पर जलता कूड़ा, सड़कों पर उड़ती धूल, खुले में पड़ी निर्माण सामग्री आदि को लेकर कार्यवाही नहीं हुई है।
इसका असर अब पार्कों में भी नजर आया है। सुबह और शाम के समय पार्कों में घूमने वाले बुजुर्गों की संख्या कम हुई है। इसकी वजह यह है कि सुबह और शाम में भी एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है।
मामले में एडीएम संदीप कुमार का कहना है कि प्रदूषण के स्तर को लेकर लगातार संबंधित विभाग कार्रवाई कर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर पालिका के अधिकारी भी इस मामले में कार्रवाई कर रहे हैं।
हरियाली क्षेत्र में लगी है प्रदूषण का स्तर बताने वाली मशीन
वर्तमान में जिला मुख्यालय पर प्रदूषण का स्तर बताने वाली मशीन लगी हुई है। आनंद विहार में वाहनों की संख्या बेहद कम है। यहां वाहनों का संचालन भी बहुत कम होता है। इस क्षेत्र में हरियाली का स्तर अच्छा है। यदि तहसील चौपला और मेरठ रोड तिराहे पर यह मशीन लगी हो तो फिर अधिकारी इस बार में बोलने पर भी सोचेंगे।
शुक्रवार को जिले में एक्यूआई की स्थिति
समय एक्यूआई
रात एक बजे 353
रात तीन बजे 356
सुबह पांच बजे 357
सात बजे 356
नौ बजे 353
11 बजे 350
दोपहर एक बजे 348
दोपहर तीन बजे 339
शाम पांच बजे 335
शाम छह बजे
नोट : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार।