परिवहन मंत्री के सामने एक तरफ रोडवेज अधिकारी अपनी बेहतर सेवाओं का बखान कर रहे थे, तो दूसरी तरफ एक बुजुर्ग ने रोडवेज बस सेवा की पोल खोल दी। गुलावठी जाने के लिए तीन घंटे इंतजार के बाद भी बस न मिली तो बुजुर्ग मंत्री के सामने पहुंच गए। परिवहन मंत्री ने बस न मिलने का कारण पूछा तो अफसरों ने ठीकरा जाम पर फोड़ दिया।
इस पर दूसरी बस का इंतजाम न किए जाने पर मंत्री जी का पारा चढ़ गया, उन्होंने एआरएम के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई के निर्देश दे दिए। हालांकि बाद में अफसरों के सफाई देने पर कार्रवाई नहीं की, लेकिन फटकार लगाकर सेवाएं सुधारने की चेतावनी दे गए।
वाकया करीब दो बजे का है। गुलावठी के पास गांव भटौना निवासी एक बुजुर्ग यात्री बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे थे। उनका कहना था कि वह सुबह 11 बजे से यहां बैठे हैं, लेकिन कर्मचारी बस के आने का सही समय नहीं बता रहे।
तीन घंटे बाद भी बस न आई तो उनका पारा चढ़ गया। परिवहन मंत्री यासर शाह का काफिला जैसे ही बस अड्डा परिसर में दाखिल हुआ, बुजुर्ग ने हंगामा कर दिया। मंत्री के सामने जाकर उन्होंने अपनी समस्या बताई तो अफसर बगलें झांकने लगे।
मंत्री ने बस न आने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि मसूरी-गुलावठी रोड पर लगे जाम में बस फंसी हुई है। इस पर मंत्री ने अफसरों को फटकार लगाई और दूसरी बस का इंतजाम न कराने पर नसीहत दी।
मंत्री के आदेश पर अफसरों ने 10 मिनट में ही दूसरी बस का इंतजाम किया और बुजुर्ग समेत चार-पांच सवारियों को बैठाकर बस गुलावठी के लिए रवाना कर दी।