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मतदान केंद्र पर किया धूम्रपान, सजा भुगतने को रहिए तैयार

Thu, 26 Jan 2017 12:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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धूम्रपान - फोटो : अमर उजाला
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मतदान केंद्र पर धूम्रपान करना इस बार आपकी जेब ढीली करा सकता है। चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों को ‘नो स्मोकिंग जोन’ घोषित कर दिया है। इसके लिए जुर्माना और सजा का भी प्रावधान कर दिया गया है। धूम्रपान करने वालों पर निगरानी और उनसे जुर्माना वसूलने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को सौंपी है।
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पैसिव स्मोकिंग और फायर से होने वाले खतरे से लोगों की रक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों को ‘नो स्मोकिंग जोन’ घोषित कर दिया है। इसके  लिए चुनाव आयोग ने चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानों पर पूर्ण रूप से धूम्रपान प्रतिबंधित रहे।

जिला चुनाव अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि मतदान केंद्रों के बाहर 60 बाई 30 के साइनेज बोर्ड भी लगाए जाएं। इन पर ‘धूम्रपान निषिद्ध’ क्षेत्र लिखा होने के साथ ही यह भी लिखा गया हो कि ‘यहां धूम्रपान करना अपराध है’।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ने आदेश दिया है कि हैंडबुक के अध्याय-9 की धारा 7.0 के तहत सभी मतदान केंद्रों को धूम्रपान निषेध किया जाए। आम जनता के अलावा मतदान केंद्र के अंदर न तो मतदान अधिकारी और न ही मतदान एजेंट को धूम्रपान की अनुमति रहेगी। धूम्रपान करने वालों पर टोबैको एक्ट के तहत जुर्माना लग सकता है और जेल भी हो सकती है।

- पैसिव स्मोकिंग गर्भवती महिलाओं-शिशुओं को है खतरा
पैसिव स्मोकिंग से गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए सबसे अधिक खतरनाक होता है। डा. आरसी गुप्ता ने बताया कि जितना खतरा धूम्रपान करने वाले को होता है उतना ही खतरा उस धुएं के संपर्क में आने आने वाले को भी होता है। 

- 33.9 फीसदी आबादी तंबाकू की आदी 
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (जीएटीएस इंडिया 2009- 10 के अनुसार उत्तर प्रदेश में 33. 9 फीसदी आबादी तंबाकू उत्पाद का उपयोग एक या दूसरे रूप में करती है। उत्तर प्रदेश में 2.3 फीसदी लोग सिगरेट पीते हैं,  12. 4 फीसदी लोग बीड़ी पीते हैं और 25.3 फीसदी लोग बगैर धुएं वाले तंबाकू का उपयोग करते हैं।

- बोले अधिकारी 
‘मतदान केंद्रों पर धूम्रपान करने वालों पर इस बार सख्ती बरती जाएगी। चुनाव आयोग ने इसके लिए सीएमओ की जिम्मेदारी तय कर दी है। अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी ही न केवल मतदान केंद्रों पर धूम्रपान करने वालों पर नजर रखेंगे, बल्कि उनसे जुर्माना वसूलने का काम भी करेंगे।’ 
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- निधि केसरवानी, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम
 
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