राजनीति में महिलाओं की समान भागीदारी को लेकर भले ही राजनीतिक दल बडे़-बडे़ दावे करें लेकिन चुनाव में महिलाओं को टिकट देने में हमेशा उनकी अनदेखी ही की गई है। 2017 के चुनावी समर में भी किसी भी दल द्वारा महिला उम्मीदवार को उतारने की संभावना कम ही है।
वर्ष 1956 से 2012 तक के विधानसभा चुनावों के आंकडे़ बताते हैं कि टिकट बंटवारे के दौरान बडे़ राजनीतिक दलों ने महिलाओं की भागीदारी को नजरअंदाज किया है। वर्ष 1956 में गाजियाबाद में शामिल दादरी सीट से कांग्रेस ने सत्यवती को टिकट दिया था।
फिर वर्ष 1974 के चुनावों में आरपीआई ने कलावती को अपना उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद 1977 में पहली बार गाजियाबाद में ही शामिल हापुड़ विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शक्ति ने अपना भाग्य आजमाया था।
1985 में कांग्रेस ने गाजियाबाद सीट से विमला सिंह और खेकड़ा सीट से जनता पार्टी ने ईश्वरी को चुनाव लड़ाया था। कांग्रेस के अलावा कोई बड़ा दल सामने नहीं आया, कुछ महिलाएं निर्दलीय चुनाव में उतरीं लेकिन सफलता नहीं मिली।
वर्ष 2017 के विधान सभा चुनावों का कार्यक्रम भी अब घोषित हो चुका है। कुछ राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों को भी घोषणा कर चुके हैं। कुछ की सूची अंतिम दौर में है, फिलहाल किसी भी बडे़ राजनीतिक दल से महिला प्रत्याशी के नाम पर चर्चा तक नहीं है। देश की आधी आबादी में राजनीतिक पार्टियों के लिए महज वोट बैंक नजर आ रही है।
आंकड़े खोलते राजनीतिक दलों की पोल:
वर्ष विधानसभा नाम दल
1956 दादरी सत्यवती कांग्रेस
1974 गाजियाबाद कलावती आरपीआई
1977 हापुड़ शक्ति निर्दलीय
1985 मोदीनगर विमला सिंह कांग्रेस
1985 खेकड़ा ईश्वरी जनता पार्टी
1989 मुरादनगर रीना निर्दलीय
1989 मोदीनगर विमला सिंह कांग्रेस
1991 मोदीनगर विमला सिंह कांग्रेस
1993 हापुड़ पुष्पा निर्दलीय
1996 गाजियाबाद शोभा निर्दलीय
2002 मोदीनगर श्यामा निर्दलीय
2007 खेकड़ा गीता निर्दलीय
2007 गाजियाबाद अनीता राष्ट्रीय क्रांति पार्टी
2007 मोदीनगर सुनीता निर्दलीय
2007 मोदीनगर नीतू जनमोर्चा
2012 लोनी निर्मला बीएसपी अंबेडकर
2012 मुरादनगर किरन भारतीय सर्वोदय क्रांति
2012 साहिबाबाद आशु निर्दलीय
2012 गाजियाबाद मधु निर्दलीय
2012 मोदीनगर रहीसा बेगम बीएमकेसीपी
2012 मोदीनगर शीला गौड़ आरजेटीपी
2012 मोदीनगर सरोज निर्दलीय