मुरादनगर। डाॅक्टरों के पैनल से कराए गए शाहिर के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। आगे की जांच के लिए विसरा संरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में नामजद कराए गए पूर्व विधायक वहाब चौधरी, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिषेक कुमार, अधिवक्ता इमरान, मुमताज और धर्मी से जल्द ही पूछताछ की जाएगी। इन सभी पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद ही शाहिर मृत अवस्था में मिले थे।
उन्होंने शनिवार को फेसबुक लाइव पर पालिका चेयरपर्सन के पति और पूर्व विधायक वहाब चौधरी समेत कई लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अगर उनकी मौत होती है तो ये लोग ही जिम्मेदार होंगे। पुलिस ने वीडियो को देखा है। इसमें वह कह रहे हैं कि इन लोगों के डर की वजह से वे घर से नहीं निकल रहे हैं। अगर वे बाहर गए तो उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया जाएगा।
उनका शव मिलने के बाद माना गया था कि उन्होंने आत्महत्या की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कई स्थितियों में स्पष्ट नहीं हो पाता है। इनमें से एक स्थिति जहर खाने या दिए जाने से मौत होने की है। इसकी जानकारी के लिए ही विसरा जांच कराई जाती है। पुलिस ने मामला आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 306 के तहत दर्ज किया था।
जमीन का है विवाद
शाहिर के भाई शाहिद ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, वह उनकी भूमि है, उनके पिता उस भूमि पर खेती करते थे। आरोप है कि नगर पालिका परिषद उनकी जमीन पर अपना हक जता रही है।
साक्ष्य जुटा रही पुलिस
एसीपी नरेश कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। विसरा जांच के लिए भेजा गया है। विसरा जांच आने के बाद भी मौत का कारण स्पष्ट होगा। एसीपी ने बताया कि पुलिस मामले में साक्ष्य एकत्र कर रही है, नामजद लोगों से जल्द पूछताछ की जाएगी।