साहिबाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में दुष्कर्म जैसे संगीन मामलों में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। ट्रांस हिंडन जोन में एक जनवरी 2022 से 30 जून 2023 तक दुष्कर्म का मुकदमा कराने वाली 173 पीड़िताओं में से 45 ने मेडिकल कराने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं, पांच पीड़िताएं ऐसी भी सामने आईं हैं, जिन्होंने अधिकारियों के सामने कर्रवाई की गुहार लगाकर मुकदमा कराया लेकिन बयान देने से मुकर गईं।
एक जनवरी 2022 से 30 जून 2023 तक दुष्कर्म के दर्ज 546 केस से से 173 मामले ट्रांस हिंडन जोन के थे। अब इनमें से 14 महिलाएं व युवतियां ऐसी सामने आईं जिन्होंने किसी कारण से दुष्कर्म का मुकदमा तो दर्ज कराया लेकिन कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराने के दौरान पलट गईं। इसके अलावा दो महिलाओं ने कोर्ट में बयान के दौरान घटना से ही इन्कार कर दिया।
शादी का झांसा, और बहलाने के मामले अधिक
ट्रांस हिंडन में दोस्ती के बाद नजदीकियां बढ़ाकर युवतियों और महिलाओं को शादी का झांसा देकर महीनो तक लिव इन में रहने के 33 मामले दर्ज हुए हैं जबकि युवती व किशोरियों को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म के 45 मुकदमे दर्ज हुए। इतना ही नहीं, दहेज उत्पीड़न के बाद दुष्कर्म के 10 मुकदमे सामने आए हैं।
22 मामलों में दो साल बाद कराया मुकदमा
22 घटनाओं में पीड़िताओं ने दो साल बाद दुष्कर्म का मुकदमा कराया। ऐसे में पुलिस के सामने जांच और विवेचना करना मुश्किल हो जाता है। 15 ऐसे मामले हैं जिनमें पीड़िताओं ने घटना के एक साल बाद और आठ ने घटना के छह माह बाद मुकदमा कराया। कुकर्म के साथ दुष्कर्म के 11 मुकदमे दर्ज हुए हैं।
डीसीपी शुभम पटेल ने बताया कि महिला सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। डेढ़ साल में दुष्कर्म के मामलों में 45 पीड़िताओं ने मेडिकल कराने से इन्कार कर दिया जबकि 14 अपने बयान से पलट गईं। महिलाओं के विरुद्ध अपराध में तुरंत कार्रवाई के निर्देश हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता से विवेचना करने के निर्देश हैं।