मुरादनगर। सोनिया हत्याकांड में पुलिस तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद साक्ष्यों की कड़ी जोड़ने में जुट गई है। मामले में मुरादनगर और मुजफ्फरनगर पुलिस जल्द ही संयुक्त रूप से क्राइम सीन रिक्रिएट करेगी। साथ ही मुजफ्फरनगर में तालाब से बरामद अवशेषों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।
एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि 29 जनवरी को सोनिया की हत्या उसके पति प्रविंद्र और देवर विनोद ने मिलकर की थी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और उसे जलाने में प्रविंद्र का मामा ब्रह्मपाल भी शामिल था। पुलिस तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। साथ ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों को साक्ष्यों के आधार पर पुख्ता करने के लिए जांच जारी है।
पुलिस अब आरोपियों के बयानों और अब तक जुटाए गए तथ्यों का सत्यापन करने के लिए पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराएगी। इसके तहत प्रविंद्र और ब्रह्मपाल को विभिन्न घटनास्थलों पर ले जाकर घटनाओं की क्रमवार पड़ताल की जाएगी। पुलिस यह भी जांचेगी कि आरोपियों के बयान घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों से कितने मेल खाते हैं।
मुजफ्फरनगर में भी होगी पड़ताल
एसीपी ने बताया कि थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मौर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है, जो मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र में जाकर मामले की बारीकी से जांच करेगी। टीम स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने के साथ घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण करेगी और आवश्यक साक्ष्य एकत्र करेगी। उधर, मुजफ्फरनगर पुलिस तालाब और आसपास के क्षेत्रों में अवशेषों की तलाश के लिए सर्च अभियान चला रही है।
डीएनए रिपोर्ट बनेगी अहम कड़ी
तालाब से बरामद अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। डीएनए परीक्षण के माध्यम से उनकी पहचान की पुष्टि की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्राइम सीन रिक्रिएशन और डीएनए रिपोर्ट से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत आधार तैयार करेंगे और दोषियों को सख्त सजा दिलाने में मददगार साबित होंगे।