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Ghaziabad News: पुलिस ने सराफ के हत्यारोपी को भेजा जेल, कर्ज उतारने के लिए रची थी साजिश

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मोदीनगर। गोविंदपुरी के मुख्य बाजार निवासी सराफ गिरधारी लाल सोनी (75) के हत्यारोपी यू-ट्यूबर अंकित गुप्ता को पुलिस ने उपचार के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो छोटे बड़े चाकू, एक चापड, एक कैंची और मिर्च पाउडर बरामद किया है। अंकित को पिछले कुछ वर्षों में करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। उस पर लगभग बीस लाख रुपये का कर्ज है। कर्ज उतारने के लिए उसने दुकान लूट की साजिश रची थी। वह काफी समय से लूट को अंजाम देने की फिराक में था। अंकित के मोबाइल की वेब ब्राउजर हिस्ट्री में काफी सारी ऐसी फिल्में और क्राइम सीरीज देखी गई हैं जो डकैती और लूट पर आधारित हैं।
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डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि हत्यारोपी अंकित गुप्ता पुत्र राकेश गुप्ता निवासी मोदीपोन रोड मोदीनगर को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। 35 वर्षीय अंकित ने एक प्रतिष्ठित कॉलेज से एमबीए किया है। अंकित गाने भी लिखता था और उसका डिजायर टेलीफिल्म्के नाम से यू-ट्यूब चैनल है। अंकित ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह क्रिप्टो करेंसी और अन्य ऑनलाइन एप पर रकम लगाता था। उसे पिछले कुछ वर्षों में करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। लगभग बीस लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज उतारने के लिए उसने लूट की साजिश रची थी। अंकित का परिवार पहले संतपुरा कॉलोनी में रहता था। उसे शहर के नामी सराफा कारोबारी गिरधारी लाल सोनी की दिनचर्या पता थी। बाजार में गिरधारी लाल सराफ की दुकान सबसे पहले खुलती थी। दुकान खुलने के दौरान बाजार एकदम सुनसान रहता था। कुछ दिन रेकी करने के बाद अंकित ने तीन दिसंबर को ऑनलाइन चाकू, चापड़ और कैंची व मिर्च पाउडर मंंगाया। पूछताछ में सामने आया कि अंकित परिजनों से दोस्त के पास जाने के बात कहकर 3 दिसंबर की रात ही घर से निकल गया था और 4 दिसबंर की सुबह दुकान खुलते ही लूट के इरादे से सराफ गिरधारी लाल सोनी की दुकान में घुसकर हत्या कर दी।
- शायद बैंक रॉबरी भी करना चाहता था अंकित

अंकित मोटे नुकसान और भारी भरकम कर्ज से परेशान था। पुलिस की जांच में सामने आया कि अंकित वर्तमान में एक ऑनलाइन परिवहन कंपनी में बाइक चलाता था और एक निजी कंपनी में 35 हजार रुपये की नौकरी करता था। मगर कर्ज के कारण वह बहुत परेशान था। कर्ज उतारने के लिए ही उसने लूट की साजिश रची। अंकित के मोबाइल की वेब ब्राउजर हिस्ट्री में काफी सारी ऐसी फिल्मे और क्राइम सीरीज देखी गई है जो डकैती और लूट पर आधारित है। इंटरनेट की मदद से वह ऐसी वीडियो और सीरीज देख रहा था जो बैंक में डकैती करने में सहायक हो या जिसे उसे परफेक्ट क्राइम करने और आसानी से बचकर निकलने में मदद मिल सके। आशंका है कि शायद वह बैंक रॉबरी करना चाहता था मगर, वहां कड़ी सुरक्षा के कारण उसने अपनी योजना बदली और फिर गिरधारी लाल सराफ को आसान टार्गेट मानकर घटना को अंजाम दिया।
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-भीड़ की धुनाई में हुए चार फ्रैक्चर-
बृहस्पतिवार सुबह मुख्य बाजार में लूट के इरादे से पहुंचे अंकित गुप्ता ने जैसे ही दुकान में घुसकर सराफ गिरधारी लाल पर चाकू और चापड़ से ताबड़तोड़ प्रहार करने शुरू किए उसके कुछ देर बाद ही वहां गिरधारी लाल के छोटे बेटे रूपेंद्र पहुंच गए। उन्होंने अंकित को दबोच लिया, हालांकि अंकित ने उन पर भी हमला किया, मगर रूपेंद्र ने पकड़ ढीली नहीं की। शोर सुनकर मौके पर जमा भीड़ ने अंकित की जमकर धुनाई की। इसमें अंकित के सिर में गंभीर चोटें आईं व दोनों हाथों में चार फ्रैक्चर हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को उपचार के बाद आरोपी अंकित को जेल भेज दिया।
-गम और आक्रोश के बीच खुले बाजार-
सराफ गिरधारी लाल सोनी की हत्या से व्यापारियों और लोगों में आक्रोश है। व्यापारियों ने घटना के बाद बृहस्पतिवार को बाजार बंद कर तीन घंटे धरना दिया था। एडीसीपी आलोक प्रियदर्शी के कार्रवाई के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना स्थगित कर दिया था। शुक्रवार को गम और आक्रोश के बीच बाजार खुले। घटना को लेकर व्यापारियों में भारी रोष है। व्यापारी नेता डॉ.पवन सिंघल और अमितेज जैन ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण नगर में आए दिन अपराधिक घटनाएं हो रही हैं। उधर, बृहस्पतिवार रात गिरधारी लाल सोनी के अंतिम संस्कार के बाद शुक्रवार को उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित कर दी गईं। परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अंकित मोटे नुकसान और भारी भरकम कर्ज से परेशान था। पुलिस की जांच में सामने आया कि अंकित वर्तमान में एक ऑनलाइन परिवहन कंपनी में बाइक चलाता था और एक निजी कंपनी में 35 हजार रुपये की नौकरी करता था। मगर कर्ज के कारण वह बहुत परेशान था। कर्ज उतारने के लिए ही उसने लूट की साजिश रची। अंकित के मोबाइल की वेब ब्राउजर हिस्ट्री में काफी सारी ऐसी फिल्मे और क्राइम सीरीज देखी गई है जो डकैती और लूट पर आधारित है। इंटरनेट की मदद से वह ऐसी वीडियो और सीरीज देख रहा था जो बैंक में डकैती करने में सहायक हो या जिसे उसे परफेक्ट क्राइम करने और आसानी से बचकर निकलने में मदद मिल सके। आशंका है कि शायद वह बैंक रॉबरी करना चाहता था मगर, वहां कड़ी सुरक्षा के कारण उसने अपनी योजना बदली और फिर गिरधारी लाल सराफ को आसान टार्गेट मानकर घटना को अंजाम दिया।
-भीड़ की धुनाई में हुए चार फ्रैक्चर-
बृहस्पतिवार सुबह मुख्य बाजार में लूट के इरादे से पहुंचे अंकित गुप्ता ने जैसे ही दुकान में घुसकर सराफ गिरधारी लाल पर चाकू और चापड़ से ताबड़तोड़ प्रहार करने शुरू किए उसके कुछ देर बाद ही वहां गिरधारी लाल के छोटे बेटे रूपेंद्र पहुंच गए। उन्होंने अंकित को दबोच लिया, हालांकि अंकित ने उन पर भी हमला किया, मगर रूपेंद्र ने पकड़ ढीली नहीं की। शोर सुनकर मौके पर जमा भीड़ ने अंकित की जमकर धुनाई की। इसमें अंकित के सिर में गंभीर चोटें आईं व दोनों हाथों में चार फ्रैक्चर हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को उपचार के बाद आरोपी अंकित को जेल भेज दिया।
-गम और आक्रोश के बीच खुले बाजार-
सराफ गिरधारी लाल सोनी की हत्या से व्यापारियों और लोगों में आक्रोश है। व्यापारियों ने घटना के बाद बृहस्पतिवार को बाजार बंद कर तीन घंटे धरना दिया था। एडीसीपी आलोक प्रियदर्शी के कार्रवाई के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना स्थगित कर दिया था। शुक्रवार को गम और आक्रोश के बीच बाजार खुले। घटना को लेकर व्यापारियों में भारी रोष है। व्यापारी नेता डॉ.पवन सिंघल और अमितेज जैन ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण नगर में आए दिन अपराधिक घटनाएं हो रही हैं। उधर, बृहस्पतिवार रात गिरधारी लाल सोनी के अंतिम संस्कार के बाद शुक्रवार को उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित कर दी गईं। परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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