गाजियाबाद। साइबर अपराधी लोगों को नए-नए तरीकों से लालच देकर उनके खातों में सेंध लगा रहे हैं। चार महीनों में साइबर अपराधी गाजियाबाद के 2500 से ज्यादा लोगों को करीब तीन करोड़ रुपये ठग चुके हैं। इन ठगी में इस्तेमाल हुए 600 सिम को बंद कराने के लिए रिपोर्ट एमएचए (केंद्रीय गृह मंत्रालय), डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम और साइबर मुख्यालय को भेजी गई। अब करीब 400 सिम की दूसरी सूची तैयार कर भेजी जा रही है। साथ ही साइबर सेल ने करीब 40 एप और 60 वेबसाइट की रिपोर्ट भी भेजी है। इनमें ऋण देने वाली, कॉल डिटेल्स व चैट बैकअप देने वाली समेत अन्य एप शामिल हैं।
एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद का कहना है कि साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए उनके सिम व मोबाइल को बंद कराने के लिए नंबर व आईएमईआई नंबर चिन्हित कर सूची तैयार की जा रही है। जिनकी रिपोर्ट मंत्रालय और साइबर मुख्यालय भेजी जाएगी। साथ ही अपराधियों को ट्रेस करने के लिए भी टीम लगी है।
मोबाइल को भी बंद कराने के लिए भेजी जा रही रिपोर्ट
साइबर अपराधी शातिर किस्म के हैं जो ठगी में इस्तेमाल सिम को एक बार इस्तेमाल करके तोड़ देते हैं। इसके बाद उसी मोबाइल में दूसरा सिम डालकर फिर से ठगी करते हैं। ऐसे में साइबर सेल अब अपराधियों के मोबाइल के आईएमईआई नंबरों को भी ट्रेस कर रही है। जिन्हें बंद कराने के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ऐसे में अपराधी की मुसीबत बढ़ेगी और काफी हद तक पुलिस को भी इससे मदद मिलेगी।
लोकेशन कहीं की आईडी कहीं की
साइबर सेल की जांच में सामने आया कि शातिर जिस लोकेशन पर बैठकर ठगी की वारदात कर रहे हैं। ट्रेस करने पर वह नंबर वहां की आईडी पर नहीं है बल्कि कई सौ किलोमीटर दूर के हैं। शातिर वारदात करने के बाद सिम को तोड़ देते हैं, ऐसे में उन्हें ट्रेस करना पुलिस केे लिए चुनौती बना हुआ है। शातिर बिहार से बैठकर कॉल कर रहे हैं तो वह पश्चिम बंगाल या अन्य किसी राज्यों के लोगों की आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- किसी भी अनजान नंबर पर बातचीत करने से बचें और अनजान लिंक को न खोलें।
- घर बैठे पैसे कमाने के लालच में न आएं।
- ई-मेल व अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें और पासवर्ड सामान्य या मोबाइल नंबर न रखें।
- पासवर्ड में शब्द, अंक, स्पेशल कैरेक्टर सभी को शामिल करें।
- सोशल मीडिया की प्रोफाइल लॉक रखने की कोशिश करें।
- किसी के साथ ओटीपी साझा न करें।
- आपकी बैंक डिटेल्स केवल बैंक ही बता सकता है। कॉलर बैंक डिटेल्स बताकर झांसे में लेता है तो सावधान रहें।
1930 पर करें शिकायत
अगर किसी के साथ ठगी हो जाती है तो वह यूपी पुलिस की एप यूपी कॉप पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा वेबसाइट साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन या नगर कोतवाली स्थित साइबर सेल में शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा 1930 पर भी शिकायत कर सकते हैं।
हमें बताएं अपनी समस्या
अगर आपके साथ साइबर अपराध हुआ है तो आप अपनी समस्या अमर उजाला के साथ व्हाट्सएप नंबर 9711635666 पर साझा कर सकते हैं। हम इसे प्रकाशित कर लोगों को ठगी से बचने के लिए सचेत करेंगे।