गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद फंगस की चपेट में आने वाले मरीजों के इलाज में प्रयुक्त होने वाला एंटी फंगल का 15 इंजेक्शन एंफोटेरिसिन बी-11 दिन बाद एक्सपायर हो जाएगा। इसके बावजूद ब्लैक फंगस के मरीज को बाजार रेट से अधिक दाम छह हजार रुपये में दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बाजार में दाम कम हो सकता है, लेकिन जो रेट शासन स्तर से तय हुआ है, उसमें स्थानीय स्तर पर कम नहीं किया जा सकता है।
जिले में कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद जिले में काला और सफेद फंगस के 150 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद फंगस से मरीजों में अचानक बढ़ोतरी हुई थी। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बाजार में एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन की कमी हो गई थी। निश्चित दर से डेढ़ से दो गुना महंगे दाम पर इंजेक्शन बिक रहा था। शासन स्तर से इंजेक्शन की आपूर्ति की गई थी। कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह से बीतने के बाद फंगस के मरीज मिलना लगभग बंद हो गए। विभाग की ओर से इंजेक्शन वापस मंगवाए जाने के लिए कई बार पत्र भी भेजे गए, लेकिन शासन स्तर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। स्वास्थ्य विभाग के पास 15 इंजेक्शन हैं, जो मई माह में ही एक्सपायर हो जाएंगे।
जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा है इंजेक्शन
जिले में फिलहाल काला फंगस का एक मरीज निजी अस्पताल में भर्ती है और उसे इंजेक्शन की जरूरत है। मरीज के परिजन दो बार सीएमओ कार्यालय जाकर इंजेक्शन की मांग कर चुके हैं। उन्हें लखनऊ से अनुमति मिलने के बाद इंजेक्शन दिए जाने की बात कह लौटाया जा रहा है। ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी त्यागी का कहना है कि मरीज काला फंगस से ग्रस्त है, वह 14 मई से भर्ती है। मरीज का ऑपरेशन किया जा चुका है। मरीज को पांच दिन बाद एक दिन में पांच एंफेटेरिसिन बी इंजेक्शन लगाए जाने हैं। परिजनों को कहीं भी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। परिजनों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास होने के बावजूद भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंजेक्शन की कीमत छह हजार रुपये बताई गई है। बाजार में इसकी कीमत अब कम हो गई है।
सरकारी अस्पताल में भर्ती होने पर लगेंगे निशुल्क इंजेक्शन
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि निजी अस्पताल में भर्ती कराने पर शासन की गाइडलाइन के अनुसार छह हजार रुपये प्रति इंजेक्शन दिए जाएंगे। अगर मरीज किसी भी सरकारी अस्पताल में भर्ती है तो उसे निशुल्क लगाया जा सकता है।