नगर निगम अफसरों की लापरवाही अब बरसात के सीजन में जनता पर भारी पड़ सकती है। निगम के बंद पड़े पांच फव्वारों में बारिश का पानी जमा होने से मच्छरों के लिए ब्रीडिंग प्वाइंट बन गए हैं। इन फव्वारों की न तो निगम सफाई करा रहा और न ही इनका संचालन हो रहा। इनमें भरे पानी में लार्वा पनप सकता है।
इस बार बारिश बीते साल से ज्यादा होने की वजह से मच्छरों से फैलने वाली बीमारी मलेरिया, वायरल, टायफाइड के होने का खतरा भी बढ़ा है। इस पर निगम की यह लापरवाही और बीमारियों को और बढ़ावा दे सकती है।
बरसात के सीजन में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम लोगों को जागरूक कर कूलर, पुराने टायर, कबाड़ आदि में पानी जमा न होने देने की नसीहत देते हैं। लेकिन शहर में निगम ने खुद मच्छरों की ब्रीडिंग के लिए जगह तैयार कर दी है।
होली चाइल्ड चौराहा स्थित फाउंटेन में करीब सात-आठ इंच पानी जमा हो गया है। यहां से पानी निकलने का रास्ता नहीं है। ऐसे में पानी सड़ने से यहां लार्वा पनप सकता है। यही हाल न्यू आर्य नगर चौक, महामाया स्टेडियम के बाहर और हापुड़ चुंगी पर बने फव्वारे का भी है। वर्षों से बंद पड़े फव्वारे के पोंड में पानी जमा हो गया है।
मेयर के आदेश पर भी नहीं चले फव्वारे
मेयर पद की शपथ लेने के चंद दिनों बाद ही महापौर अशु वर्मा ने बंद पड़े फव्वारों को चलवाने का दावा किया था। उन्होंने निगम अधिकारियों को फव्वारों को ठीक कराकर इनका संचालन करने के आदेश दिए थे, लेकिन यह आदेश लागू नहीं हो पाए। फव्वारे अभी भी बंद हैं।
मेयर बोले
स्वास्थ्य विभाग को फाउंटेन की सफाई व दवा का छिड़काव कराने और प्रकाश विभाग को इन्हें चालू कराने के निर्देश दिए गए हैं। फव्वारों को चालू कराया जाएगा। लापरवाही करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। - अशु वर्मा, महापौर