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अकेलापन व अवसाद दूर करता है काव्य पाठ

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केंद्रीय आर्य सभा के काव्य गोष्ठी में काव्य पाठ्य करते कवि - फोटो : AMAR UJALA
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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। केंद्रीय आर्य युवक परिषद ने ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। कोरोना काल में यह 50वां वेबिनार था जिसमें बड़ी संख्या में आर्य समाज के लोगों ने भाग लिया। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि कोरोना काल में लोग अपने अपने घरों में रहकर अवसाद का शिकार हो रहे है, तनावग्रस्त और अकेलापन समस्या बनता जा रहा है । ऐसे में काव्य गोष्ठी आदि अकेलापन दूर करने में सहायक होगी। काव्य गोष्ठी का शुभारंभ प्रांतीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने चलते चलो मुसाफिर पुरुषार्थ के सहारे, मंजिल तुम्हें पुकारे ..सुनाया। प्रवीन आर्या ने किसी के काम जो आये उसे इंसान कहते है ,वीरेन्द्र आहूजा ने बुलबलों गर तुम्हारा चमन लुट गया तो आशियाना बसाने कहाँ जाओगे, सिमरण कौर ने अफसाना लिख रही हूं... आदि रचनाएं सुनाईं। योग शिक्षिका गीता गर्ग ने पर्यावरण पर, वीना वोहरा ने करुणा मय तू ओ सृष्टि के विधाता। सौरभ गुप्ता ने संचालन किया और ओम सपरा, सुरेश आर्य, धर्मपाल आर्य, पुष्पा शास्त्री, प्रेम सचदेवा, यशोवीर आर्य, देवेन्द्र गुप्ता, विजय आर्य गर्ग, यज्ञ वीर चौहान ने काव्य पाठ किया। इस मौके पर समाजसेवी विजय कपूर, सरदार हरभजन सिंह देयोल भी मौजूद रहे।
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