शहर की विभिन्न रामलीलाओं में झूलों का कारोबार खूब चला। मनोरंजन कर विभाग को इन झूलों से मिली टैक्स की रकम बताती है कि शहर के लोग इस बार जमकर झूला झूले। कुल कीमत का 25 फीसदी प्रति टिकट की दर के हिसाब से मनोरंजन कर विभाग को इन झूलों से छह लाख से ज्यादा का राजस्व मिला है।
इस माह का यह पखवाड़ा शहर में संचालित रामलीलाओं के नाम रहा। कविनगर, राजनगर, घंटाघर, संजय नगर के साथ ही टीएचए के तीन-चार स्थानों पर रामलीलाओं में लोगों की भीड़ जमकर उमड़ी। इस बार रामलीला मैदान में लगे झूले लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र रहे। कविनगर में ही कई ऐसे झूले थे जो लोगों को अपनी ओर लुभा रहे थे।
यही कारण रहा कि शहरवासियों ने भी इन झूलों को जमकर लुत्फ उठाया। एक अनुमान के अनुसार शहर के लोगों ने इस बार करीब 24 लाख से ज्यादा रकम झूला झूलने में खर्च की।
मनोरंजन कर उपायुक्त एचएन शुक्ला के अनुसार रामलीलाओं में लगे मोटर चलित विभिन्न प्रकार के झूलों से टैक्स के रूप में 6 लाख से ज्यादा की रकम वसूली गई।
उन्होंने बताया कि प्रति टिकट के हिसाब से झूला संचालक को 25 फीसदी रकम बतौर मनोरंजन टैक्स देनी पड़ी है। ऐसे में अनुमान है कि शहर के लोगों ने 24 लाख से ज्यादा की रकम झूला झूलने में खर्च की है।