गाजियाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन (एनआईयूएम) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम वाला शिलापट गायब होने की शिकायत ने संस्थान में हलचल मचा दी। पूर्व कर्मचारी की शिकायत पर मधुबन बापूधाम थाना पुलिस ने करीब पांच घंटे तक परिसर खंगाला। आखिरकार शिलापट प्रबंधक के कमरे में मिल गया। पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर थाने में सुरक्षित रखवा दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
एनआईयूएम के पूर्व सहायक प्रशासनिक अधिकारी अमित कुमार उपाध्याय ने शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री के नाम वाला शिलापट संस्थान परिसर और मुख्य गेट से हटा दिया गया है। उन्होंने मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री पोर्टल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आयुष मंत्रालय और बाद में पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ से भी की थी।
अमित कुमार उपाध्याय के मुताबिक, 11 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा से गाजियाबाद समेत देशभर के पांच एनआईयूएम संस्थानों का ऑनलाइन शिलान्यास किया था। शिलान्यास के बाद संस्थान परिसर और मुख्य गेट पर प्रधानमंत्री के नाम वाला शिलापट लगाया गया था।
उनका आरोप है कि मार्च 2026 में संस्थान के प्रबंधक ने शिलापट हटवाकर उसे ज्वाइंट डायरेक्टर के कमरे में रखवा दिया। इसकी पहली शिकायत उन्होंने जुलाई में आयुष मंत्रालय में की थी। इसके बाद 22 अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री पोर्टल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस आयुक्त से शिकायत की।
एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि शिकायत के आधार पर मधुबन बापूधाम थाने से पुलिस टीम को एनआईयूएम भेजा गया था। बरामद शिलापट को थाने में सुरक्षित रखवाया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।