पिछले पांच साल से लगातार लोनी क्षेत्र लिंग परीक्षण एवं गर्भपात का केंद्र बन गया है। अधिकांश मामलों में हरियाणा के अलग-अलग जिलों से स्वास्थ्य विभाग की टीम आकर छापा मारती है। यहां तक कि कई मामलों में गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग को तब जानकारी मिल पाती है, जब टीम पूरी कार्रवाई कर चुकी होती है। गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिर्फ एक सफाई दी जाती है कि सेंटर पंजीकृत नहीं था।
पीसीपीएनडीटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने 10 फरवरी को हरियाणा और गाजियाबाद के स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बैठक कर रणनीति बनाई थी। डॉ. सुनील त्यागी ने दूसरे दिन पत्र जारी कर बताया कि मशीन पोर्टेबल थी और उसका पंजीकरण नहीं था। ऐसे में जिले में लिंग परीक्षण के खेल पर लगाम लग पाएगी, इस बात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिले में 378 अल्ट्रासाउंड सेंटर स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत है। इनमें से कुछ सेंटर संचालकों ने लाइसेंस सरेंडर करते हुए जांच बंद करने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी है, जबकि जो संचालित हो रहे हैं, उनका भी नवीनीकरण न होने से अवैध की तरह ही संचालित हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते शासन स्तर से मार्च-अप्रैल में होने वाले लाइसेंस नवीनीकरण को 6 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया था।
अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नवीनीकरण चल रहा है। अधिकांश सेंटरों का नवीनीकरण हो चुका है, जिनका अभी नहीं हो पाया है, उनकी फाइल चल रही है। जल्द ही नवीनीकरण हो जाएगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है।- डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ