साहिबाबाद (गाजियाबाद)। टीलामोड़ के असालतपुर निवासी गयूर अली की 17 वर्ष पहले चोरी हुई हथिनी गोयनी के मामले में टीलामोड़ पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी है। वहीं मामले की कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता दिलशाद चौधरी के अनुसार पुलिस की रिपोर्ट में हथिनी के गुजरात में होने की पुष्टि हुई है। कोर्ट में रिपोर्ट पेश होने के बाद सेशन कोर्ट में हथिनी के रिलीज की अर्जी लगी हुई है। हथिनी गोयनी का मामला दिन-प्रतिदिन नए मोड़ लेता जा रहा है।
गयूर अली ने साल 2000 में बिहार के सोनपुर हाथीसार के मेले से 2.50 लाख रुपये में हथिनी खरीदी थी। एक जनवरी 2008 को उनकी हथिनी चोरी हो गई थी। उन्होंने इसके बाद पुलिस से मदद मांगी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उन्होंने खुद तलाश शुरू की और यूट्यूब वीडियो की मदद से जम्मू-कश्मीर में हथिनी को ढूंढ निकाला। पीड़ित ने 6 अक्तूबर 2022 को कोर्ट में अपील कर न्याय की गुहार लगाई। हालांकि निचली अदालत ने अपील को खारिज कर दिया। तब पीड़ित पक्ष की पैरवी कर रहे अधिवक्ता दिलशाद चौधरी ने सत्र न्यायालय में याचिका लगाई और सुनवाई के बाद न्यायालय के निर्देश पर निचली अदालत ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। 27 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के नरवाल मंडी निवासी लक्ष्मण और लक्की के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अधिवक्ता दिलशाद चौधरी के अनुसार इस मामले की जांच जब शुरू हुई तब पता चला कि हथिनी गुजरात स्थित एक पशु पार्क में है। जांच में यह भी सामने आया कि हथिनी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पार्क की जिम्मेदारी पर सौंपा गया था। जब पुलिस की यह रिपोर्ट कोर्ट में पेश हुई तब पहले उन्होंने निचली अदालत में हथिनी के रिलीज और मामले के रिवीजन की याचिका लगाई लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश होने की वजह से याचिका को सेशन कोर्ट में लगाया गया है। वहीं एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मामले में एफआर लगा दी गई है।