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UP: बुलंदशहर में पालतू पिटबुल ने बच्चे को काटा तो पीट-पीटकर ले ली जानमार डाला, तीन साल पहले तीन हजार में खरीदा

Fri, 21 Apr 2023 06:05 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर

सार

बुलंदशहर में बच्चे को काटने पर परिजनों ने पालतू पिटबुल को पीट-पीटकर मार डाला। पिटबुल लगातार हमले कर रहा था। पिटबुल के काटने से बच्चे के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। उसका दिल्ली के सफरदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुलंदशहर में बच्चे को काटने वाले पालतू पिटबुल कुत्ते को परिजनों ने पीटकर मार डाला। वह लगातार लोगों पर हमला कर रहा था। वहीं, दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के बाद परिजन जख्मी बच्चे को घर ले आए। अब उसकी हालत ठीक है।
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गुलावठी क्षेत्र के गांव फकाना निवासी योगेंद्र सिंह ने पिटबुल कुत्ते को पाला हुआ था। बुधवार दोपहर उनके 12 वर्षीय बेटे करन पर पिटबुल ने हमला कर दिया था। काटने से बच्चे के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए। 

उसका दिल्ली के सफरदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से परिवार के सदस्य सहम गए। बृहस्पतिवार को कुत्ते को खेत पर ले गए। वह उग्र होने पर उसे पीटकर मार डाला। 
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तीन साल पहले तीन हजार रुपये में खरीदा था
कुत्ते के मालिक एवं घायल बच्चे के पिता योगेंद्र सिंह ने बताया कि तीन साल पहले तीन हजार रुपये में पिटबुल नस्ल का पिल्ला ले आए थे। अभी तक वह परिवार के सदस्यों के संग वह मस्ती करता रहता था।  बुधवार को पता नहीं अचानक क्या हुआ कि उसे बेटे पर हमला कर दिया। 

औरों ने भी पाल रखे हैं खतरनाक नस्ल के कुत्ते

प्रतिबंध के बावजूद शहर से लेकर गांव देहात तक लोगों ने पिटबुल समेत खुंखार प्रजाति वाले कुत्ते पाल रखे हैं। लोग सुबह-शाम भीड़ भाड वाले स्थानों पर इन कुत्तों को खुलेआम घुमाया जाता है। इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। 
 

कुत्ते की जान लेने पर 5 साल की सजा का प्रावधान

अधिवक्ता योगेश चौधरी ने बताया कि पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कुत्ता या किसी भी पशु की हत्या करने के मामले में पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। किसी भी पशु की हत्या नहीं की जा सकती है। यदि वह काटता है तो उसके लिए संबंधित विभाग या नगर पालिका से संपर्क करके समस्या का समाधान करा सकते हैं। 
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मामला संज्ञान में है। ऐसे प्रजाति के कुत्ते नहीं पालने चाहिए। सरकारी पशु चिकित्सालय में पिटबुल के इलाज पर रोक लगाई जाएगी। जिससे लोग इसका पंजीकरण करवा सकें। - डॉ. आनंद कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
 
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