एक मार्च 2022 को थाना जहांगीरपुर में वादी पक्ष ने तहरीर दी थी, जिसमें पीड़िता के पति ने बताया था कि उनकी पत्नी दिव्यांग है। एक मार्च को वह दोपहर में घर से खेत पर गई थी। वहां पर पहले से ही गांव निवासी आरोपी युवक रौदास घात लगाए बैठा हुआ था। आरोपी ने खेत पर वादी की पत्नी के पहुंचते ही उसके साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। साथ ही विरोध करने पर आरोपी ने उसकी पत्नी के साथ हाथापाई की और फिर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
इस दौरान रास्ते से गुजर रहे एक व्यक्ति को उसकी पत्नी ने आरोपी की तरफ इशारा कर घटना के बारे में बताया। इसके बाद पीड़िता के घर पहुंचने पर घटना की जानकारी हो सकी। थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया और जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
वहीं, अब एडीजे-एफटीसी तृतीय ध्रुव कुमार वर्मा के न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी रौदास को दोषी करार दिया है। साथ ही न्यायाधीश ने अभियुक्त रौदास को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड भी सुनाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।