जिला संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता व एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार को ऐसा कोई लावारिस शव किसी ठेली वाले के सुपुर्द नहीं किया गया था। सीएमएस का कहना है कि अगर किसी लावारिस की इलाज के दौरान मौत होती है तो उसका शव मोर्चरी में सुरक्षित रखने के बाद पुलिस को सूचना दी जाती है। पुलिस ही ले जाकर लावारिस का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि पोस्टमार्टम होने के बाद स्वास्थ्यकर्मी पुलिस या फिर परिजनों को शव सुपुर्द कर देते हैं। इसके बाद परिजन या पुलिस शव को वाहन से ले जाए या फिर किसी अन्य संसाधन से। सीएमओ का कहना है कि सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारी से बात कर चुका हूं, किसी भी अस्पताल से लावारिस का शव ठेली पर नहीं गया है।