नोएडा और गाजियाबाद में आज से चार दिन बाद गंगाजल की सप्लाई बंद हो सकती है। नेशनल हाइवे पर लाइन शिफ्टिंग की वजह से ब्रेकडाउन लिया गया है। हालांकि चार-पांच दिन तक स्टोर पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद गंगाजल का संकट हो सकता है। आपूर्ति प्रभावित होने पर रेनीवेल और ट्यूबवेल से सप्लाई होगी। जहां-जहां और पानी की जरूरत होगी, वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा। एनएच-24 को चौड़ा करने की वजह से पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम हो रहा। एनएचएआई और जल निगम की ओर से किया जा रहा है। अब इसका कनेक्शन करना है।
वहीं दूसरी तरफ गंगनहर में सिल्ट-कचरा हटने के बावजूद जीडीए के इंदिरापुरम इलाके की करीब चार लाख आबादी को अगले 15 दिनों तक 15 क्यूसेक गंगाजल सप्लाई का अभाव झेलना होगा। परियोजना प्रबंधक, गंगाजल परियोजना इकाई ने एनएच-9 पर दो-दो हजार मिमी की नई और पुरानी पाइप लाइन को जोड़ने की तैयारी की है। यह काम मंगलवार से शुरू होगा। दोनों लाइन को जोड़ने के लिए गंगाजल के 245 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सप्लाई बाधित होगी। इसका असर इंदिरापुरम की सप्लाई पर पड़ेगा। इंदिरापुरम में 15 फरवरी से दो मार्च तक गंगाजल की किल्लत बनी रहेगी।
जीडीए को भेजा पत्र
गंगाजल प्लांट के प्रभारी शुभेंदु चौधरी ने बताया कि इंदिरापुरम को 21.9 क्यूसेक गंगाजल की सप्लाई अलग-अलग प्लांट से होती है। इसमें 6.9 क्यूसेक प्रताप विहार और 15.0 क्यूसेक सिद्धार्थ विहार लाइन से व्यवस्था की जाती है। ऐसे में जब भी एनएच-9 के दांए सिरे पर दो हजार मिमी व्यास की पीएससी पाइपलाइन को जोड़ने का काम होगा। तब 245 एमएलडी वाले प्लांट से 15 क्यूसेक गंगाजल की सप्लाई भी स्वत: बंद हो जाएगी। इसका अभाव इंदिरापुरम के इलाकों में देखने को मिलेगा। इसके लिए जीडीए को पत्र भेजा गया है।
मंगलवार की सुबह तक साफ पानी आएगा
पत्र में कहा गया है कि एनएच-9 पर यह काम 15 फरवरी से शुरू किया जाना था। मगर गंगाजल पाइप लाइन में सिल्ट और कचरा न जमे, इसके लिए प्रताप विहार प्लांट से गंगाजल की सप्लाई भी इंदिरापुरम के लिए चालू कर दी। जिससे पाइपलाइन में साफ पानी आने पर उसे बंद किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार की सुबह तक लाइन में साफ पानी आ जाएगा। तभी 245 एमएलडी प्लांट से सप्लाई बाधित होगी।
पुरानी लाइन को जोड़ने के लिए लगेगा 15 दिन का समय
गंगाजल प्लांट के प्रभारी शुभेंदु चौधरी के मुताबिक नई और पुरानी लाइन को जोड़ने के लिए 15 दिन का समय लगेगा। यानी इस काम के लिए 15 फरवरी से दो मार्च तक के लिए समय लिया गया है लेकिन उम्मीद है कि इस काम को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। जिससे इंदिरापुरम की सप्लाई को पूर्णरूप से चालू किया जा सके। वहीं जीडीए के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि गंगाजल परियोजना इकाई उत्तर प्रदेश जल निगम से पत्र मिला है। इसमें 15 दिन तक 245 एमएलडी प्लांट से सप्लाई बाधित होने की जानकारी दी गई। इस पर जीडीए ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। पूरे इलाके में ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई की जाएगी। जबकि गंगाजल की भी सप्लाई को मांग अनुसार सप्लाई किया जाएगा।