गाजियाबाद। हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी पर से गुंडा एक्ट हटाने और हिस्ट्रीशीट न खोले जाने की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं, संत समाज के लोगों और 36 बिरादरी के लोगों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद कलक्ट्रेट परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। एडीएम सिटी गंभीर सिंह और पुलिस के प्रतिनिधियों ने जब पिंकी चौधरी पर लगे गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीट बंद करने का आश्वासन दिया तो लोग धरने से उठे।
पिंकी चौधरी ने गुंडा एक्ट लगाने और हिस्ट्रीशीटर घोषित करने के विरोध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परिवार सहित इच्छा मृत्यु की मांग की थी। मंगलवार को बड़ी संख्या में समर्थन देने के लिए हिंदू संगठन के सदस्य जुटे जिसमें गाजियाबाद सहित दिल्ली हरियाणा से भी महिलाएं और युवक शामिल हुए। पिंकी चौधरी ने मुख्यमंत्री के लिखे पत्र में कहा है कि वह पिछले 25 वर्षों से हिंदू समाज के लिए कार्य कर रहे हैं। एक गाड़ी पर जय माता दी लिखे होने पर ट्रैफिक पुलिस ने 2000 का चालान कर दिया गया और इसका विरोध करने पर संगीन मुकदमा दर्ज कर दिया। अगर भाजपा के शासन में भी वाहनों पर जय श्री राम और भगवान के चित्र लगाने पर चालान होने लगे तो जनता को सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि उन्होंने कैसी सरकार का चयन किया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन और पुलिस के प्रतिनिधियों ने गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीट की फाइल बंद करने का आश्वासन दिया है। अगर तीन दिन के अंदर कार्रवाई नहीं होती तो लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा।
धारा 144 के बाद भी जुटी भीड़
जिले में धारा 144 लगने के बाद भी बड़ी संख्या में मंगलवार को भीड़ उमड़ी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने रबड़ बुलेट सहित आंसू गैस तैयार रखे थे। प्रदर्शनकारी तीन घंटे तक बैठकर नारेबाजी करते रहे और हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे।
यति ने पदयात्रा शुरू करने का किया एलान
पिंकी चौधरी के समर्थन में मंगलवार को यति नरसिंहानंद सरस्वती डासना देवी मंदिर से रवाना होने वाले थे लेकिन इससे पहले पुलिस ने उनको मंदिर में ही रोक लिया। उनको रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वह कलक्ट्रेट आने के लिए अड़े रहे इस दौरान धक्कामुक्की हो गई और यति नरसिंहानंद बेहोश होकर गिर गए। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस बल को देखकर गाड़ी में ना जाकर पैदल निकलने का फैसला लिया लेकिन पुलिस ने निकलने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वह अपने साथ हुए दुर्व्यवहार से आहत हैं। उन्होंने विडियो जारी करके मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर हिम्मत है तो ऐसी कार्रवाई दारूल उलूम देवबंद या अलीगढ़ विश्वविद्यालय में करके दिखाएं। अगर योगी सरकार ने मारने का फैसला किया है तो हम मरने को तैयार हैं। उन्होंने हिंदुओं के पक्ष में बुधवार से पदयात्रा निकालने का एलान किया है।