डाकघर के बचत खातों पर अन्य बैंकों की अपेक्षा आधा प्रतिशत ब्याज अधिक है। इस कारण इस साल एक अप्रैल से 31 अक्तूबर के बीच 48,800 नए खाताधारकों ने डाकघरों में बचत खाते खुलवाए। इस समय सबसे अधिक ब्याज सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.2 प्रतिशत है। इसमें भी लोगों का रुझान दिखा। जहां सुकन्या के 8166 नए खाते खोले गए। वहीं, पीपीएफ में लोगों का रुझान थोड़ा कम नजर आया। इस साल केवल 562 लोगों ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड में जमापूंजी लगाई। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में 7028 लोगों ने निवेश किया। महिलाओं के लिए शुरू की गई योजना महिला सम्मान पत्र 1160 महिलाओं ने लिया। इसमें दो लाख रुपये तक की राशि निवेश की जा सकती है और इस पर 7.8 प्रतिशत ब्याज है।
अधिक ब्याज होने के बजाय लोगों को दोगुनी राशि करने वाली बचत योजनाएं पसंद आईं। इसके लिए लोगों ने किसान विकास पत्र और नेशनल सेविंग स्कीम को चुना। इसमें एक अप्रैल से 31 अक्तूबर तक 23,918 लोगों ने निवेश किया। इस संबंध में डाकघर में एएसपी कौशल सिंह का कहना है कि इस योजना में 110 महीनों में रकम दोगुनी हो जाती है, इसलिए यह लोगों को सबसे अधिक पसंद आई। साथ ही उन्होंने बताया कि हमारे यहां अन्य बैंकों की अपेक्षा बचत खातों पर आधा प्रतिशत ब्याज अधिक होता है, इसलिए बचत खाते खुलवाने में भी लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखाई। इस साल 70 हजार नए खाते खुले हैं।
डाकघर में किस पर कितना ब्याज
बचत खाते - 4 प्रतिशत ब्याज
मासिक आय योजना - 7.4 प्रतिशत
किसान विकास पत्र - 7.5 प्रतिशत
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड- 7.1 प्रतिशत
सुकन्या समृद्धि योजना - 8.2 प्रतिशत
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना - 8.2 प्रतिशत
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट - 7.7 प्रतिशत
एक साल जमा राशि - 6.9 प्रतिशत
दो साल जमा राशि - 7.0 प्रतिशत
तीन साल जमा राशि - 7.1 प्रतिशत
5 साल जमा राशि - 7.5 प्रतिशत