सरकारी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार ने चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए नया प्लान बनाया है। अगर सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से चला तो प्राइवेट चिकित्सक भी सरकारी अस्पतालों में मरीज देखेंगे।
सरकार ने सभी जिलों से ऐसे चिकित्सकों की लिस्ट मांगी है जो स्वेच्छा से सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। इसके लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से भी वार्ता करने की सलाह दी गई है।
जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक चिकित्सकों की कमी है। खासकर विशेषज्ञ चिकित्सकों को टोटा है। ऐसे में सरकार चाहती है कि निजी चिकित्सक अपनी इच्छा से स्वास्थ्य केंद्रों पर कुछ घंटे मरीजों का चेकअप करें। सरकार को उम्मीद है कि प्राइवेट चिकित्सक सरकार की इस पहल पर आगे आएंगे।
खासकर न्यूरो सर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट जैसी सुपर स्पेशियलिटी के चिकित्सक के भी मिलने की संभावना है। उधर, शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जल्द ही आईएमए के चिकित्सकों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें इच्छुक चिकित्सकों की लिस्ट मांगी जाएगी।
गाजियाबाद में 50 से अधिक चिकित्सकों की कमी
गाजियाबाद के तीनों अस्पतालों के साथ सीएचसी-पीएचसी को मिलाकर जनपद में करीब 50 से अधिक चिकित्सकों की कमी है। संयुक्त जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर को बीते पांच वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिल पा रहे हैं। ट्रामा सेंटर में गंभीर केस आते हैं, जिसके लिए न्यूरो सर्जन का होना जरूरी है।
इसके अलावा जले हुए मरीज, तेजाब पीड़ित और गंभीर चोटों वाले मरीजों के लिए प्लास्टिक सर्जन की जरूरत है।
शासनादेश प्राप्त हो गया है। जल्द ही आईएमए के चिकित्सकों के साथ बैठक की जाएगी। इसमें जो भी इच्छुक चिकित्सक मिलेंगे, उनकी लिस्ट बनाकर शासन को भेज दी जाएगी।
- डॉ. अजेय अग्रवाल, सीएमओ