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Ghaziabad News: तीस डॉक्टरों की भर्ती से सुधरेगी मरीजों के इलाज की व्यवस्था

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गाजियाबाद। डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज के लिए दूसरे सरकारी अस्पतालों का रुख करने वाले मरीजों को जल्द राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 30 चिकित्सकों की भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। इनकी तैनाती नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में की जाएगी। इससे खाली पद भरने के साथ मरीजों को अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र पर ही डॉक्टर की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
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अमर उजाला ने 24 सितंबर के अंक में डॉक्टर न स्टाफ, कैसे हो मरीजों का इलाज शीर्षक से खबर प्रकाशित कर नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। सीएमओ डॉ. सचिन चंद वैश्य ने 30 चिकित्सकों की भर्ती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी है। सीएमओ के अनुसार शासन से स्वीकृति मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।



जिले के नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर लंबे समय से डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। कई केंद्रों पर चिकित्सक का पद रिक्त है, जबकि कुछ जगह डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने के बाद व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर मरीजों के उपचार पर पड़ रहा है। सामान्य बीमारी का इलाज कराने पहुंचने वाले लोगों को भी कई बार दूसरे केंद्र या जिला अस्पताल जाना पड़ता है। इससे बड़े अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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24 नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के पद रिक्त



नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी डॉ. राकेश गुप्ता के अनुसार जिले के 24 नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के पद खाली हैं। भोपुरा, राजबाग, गोविंदपुरम, सदरपुर, मालीवाड़ा, महाराजपुर वेस्ट, भीमनगर, बहरामपुर, आकाश नगर, कैलाभट्ठा, सद्दीक नगर, हरसांव, राजनगर एक्सटेंशन, सिहानी, हर्ष विहार, मकनपुर और साधना एन्क्लेव समेत कई केंद्रों पर यह स्थिति है। उनका कहना है कि मरीजों के उपचार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।



मोदीनगर सीएचसी में भी पद खाली



डॉक्टरों की कमी का असर मोदीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी है। यहां चिकित्सक का पद रिक्त है। इसके अलावा जिले के तीन जिला अस्पतालों में संविदा पर तैनात होने वाले चिकित्सकों के साथ विशेषज्ञों के कई पद खाली हैं। विशेषज्ञों की कमी के चलते उपलब्ध डॉक्टरों पर मरीजों का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।



एक साल में 18 एमबीबीएस डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी



स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले एक साल में 18 एमबीबीएस चिकित्सकों ने नौकरी छोड़ी है। इनमें कई डॉक्टरों ने परास्नातक की पढ़ाई के लिए इस्तीफा दिया। इनके जाने के बाद रिक्त पदों पर समय से नियुक्ति नहीं हो सकी। अब 30 चिकित्सकों की भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अनुमति मिलने पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे मरीजों को इलाज के लिए कम परेशानी उठानी पड़ेगी।
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