फोटो भी लगा लें.... लॉकडाउन में छूट मिलते ही अस्पताल में इलाज के लिए बढ़ी मरीजों की संख्या - लैब जांच, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधा भी शुरू माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लॉकडाउन में छूट मिलते ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई। मंगलवार को सुबह से ही जिला एमएमजी अस्पताल और महिला अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लगने लगीं। दोपहर तक दोनों अस्पतालों में 700 से ज्यादा मरीजों ने इलाज कराया। मरीजों की जरूरत और भीड़ को देखते हुए जिला एमएमजी अस्पताल में चार और महिला अस्पताल में तीन ओपीडी शुरु कर दी गई है। इसके साथ ही लैब जांच, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे सुविधा भी शुरू कर दी गई है। लॉक डाउन होने के बाद जिले में सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद कर दी गई थी। जिला एमएमजी अस्पताल और संयुक्त अस्पताल में कोरोनाा हेल्प डेस्क बनाई गई थी। महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए दो हेल्प डेस्क बनाई गई थी। हालांकि मरीजों को बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही अस्पताल आने के निर्देश दिए गए थे। लगभग एक महीना पहले संयुक्त अस्पताल को कोविड एल-2 अस्पताल में तब्दील कर दिया गया, जिसके बाद अस्पातल को सामान्य मरीजों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया। अस्पताल में सामान्य मरीजों को भी नहीं देखा जा रहा है। इसके चलते मरीजों को लगभग 7 किमी पैदल चलकर जिला एमएमजी अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। दो सप्ताह पूर्व जिला एमएमजी अस्पताल को कोरोना मुक्त करते हुए सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी शुरु करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद से अस्पताल में पहले दो स्पेशल ओपीडी शुरु की गईं और सोमवार से चार ओपीडी शुरु कर दी गई हैं। इनमें फिजिशियन, स्किन, कॉर्डियोलॉजिस्ट और ऑर्थोपेडिक ओपीडी शामिल हैं। सोमवार को ही लॉक डाउन में छूट दिए जाने की संभावना के चलते मरीजों की खासी भीड़ पहुंची थी जो मंगलवार को और ज्यादा बढ़ गई। ------------------- सोमवार को अस्पताल में 550 मरीज आए थे और मंगलवार को लगभग 800 मरीजों ने अपनी जांच करवाई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जा रहा। संदिग्ध मरीजों की कोविड जांच भी कराई जा रही है। डा. रविंद्र राणा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एमएमजी अस्पताल ---------------- अस्पताल में ओपीडी शुरु की गई है। इनमें तीन गर्भवती महिलाओं के लिए और एक बच्चों के लिए है। अस्पताल में जरूरी लैब जांच और अल्ट्रासाउंड भी किए जा रहे हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करवाया जा रहा है। डा. दीपा त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला अस्पताल ----------------