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Ghaziabad News: दोपहिया के लिए खुला रास्ता, गुजर रहे ट्रैक्टर, ट्रॉले और ट्रक

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गाजियाबाद। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के बाहर अधूरी सड़क का एक हिस्सा यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए सिर्फ दोपहिया व हल्के चार पहिया वाहनों के लिए खोला है, लेकिन इसी संकरे रास्ते से ट्रैक्टर, ट्रक व ट्रॉले भी बेधड़क गुजर रहे हैं। न उन्हें रोकने वाला कोई दिखता है, न टोकने वाला। जर्जर हिस्से से उठती धूल के बीच यात्रियों को भारी वाहनों से बचते हुए स्टेशन पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यात्रियों की जान और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
जीटी रोड की ओर से रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले मार्ग का निर्माण इसी वर्ष जुलाई में शुरू हुआ था। इसे नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रेलवे के मुताबिक, अगस्त और सितंबर में हुई बारिश के कारण सड़क के दूसरे हिस्से का निर्माण प्रभावित हुआ। हालांकि, अक्तूबर का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी शेष हिस्से का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में यात्रियों के लिए खोले गए एक ही रास्ते पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है।
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रेलवे के मुताबिक, रास्ता दोपहिया और हल्के चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोला गया है। इसके बावजूद दिन में इस रास्ते से ट्रैक्टर और ट्रक तेज रफ्तार में गुजरते हैं तो रात में यार्ड से सामान लेकर निकलने वाले ट्रॉले।
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यात्री बोले
सड़क निर्माण अधूरा होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। आधी सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच हादसे का खतरा बना रहता है। मजबूरी में कच्चे और धूल भरे हिस्से से चलना पड़ता है।
-शिवम

सड़क की स्थिति काफी परेशान करने वाली है। स्टेशन तक पहुंचने वाले रास्ते का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए, ताकि यात्रियों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
-अरुण

सड़क पर धूल के कारण काफी परेशानी होती है। रास्ता अधूरा होने से चलने में भी दिक्कत हो रही है। निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाना चाहिए।
-रामजी
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नहीं मिल सका रेलवे का जवाब
इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए दिल्ली मंडल के पीआरओ अजय माइकल से बात की गई थी। खबर लिखे जाने तक उन्होंने संबंधित विभागों से जवाब नहीं मिलने की बात कही। वहीं, एडीसीपी ट्रैफिक वरुण कुमार सिंह ने बताया कि अधूरे निर्माण वाली रेलवे की सड़क पर यातायात संबंधी प्रबंधन यातायात पुलिस के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है।
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नहीं पूरा हुआ व्यवस्था में सुधार का दावा
मंगलवार शाम सीपीआरओ उत्तर रेलवे हिमांशु शेखर उपाध्याय से संपर्क करने पर उन्होंने यात्रियों की सहूलियत के लिए व्यवस्था में सुधार कराने का दावा किया था। इसके बावजूद बुधवार को स्थिति में खास बदलाव नहीं दिखा। ट्रैक्टर-ट्रॉले मार्ग से गुजरते रहे और यात्री उन्हीं के बीच से निकलने के लिए मजबूर रहे। सड़क पर उड़ रही धूल को रोकने के लिए पानी का छिड़काव भी नहीं किया गया। भारी वाहनों की आवाजाही और धूल के कारण स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी।
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