नगर निगम में सड़क निर्माण में धांधली रुक नहीं रही है। अब पटेल नगर के जी-ब्लॉक में बनते ही सड़कें टूटनी शुरू हो गईं। निगम ने करीब साढ़े छह लाख के बजट से डेढ़ महीने पहले सड़क बनाई, जो इस वक्त अधिकांश स्थानों से टूट चुकी है। पब्लिक का पैसा बर्बाद हो गया।
पटेल नगर-जी ब्लॉक की जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण की डिमांड पर पार्षद ने की थी, जिस पर नगर निगम के निर्माण विभाग ने नवंबर में यहां सड़कों का निर्माण कराया था। इस ब्लाक में स्थित पार्क के चारों ओर की सड़कों के अलावा मेन एंट्री रोड भी बनाई गई।
करीब साढ़े छह लाख रुपये की लागत से बनाई गई यह सड़क चंद दिनों बाद ही टूटनी शुरू हो गई थी। कालोनी के लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में तारकोल की मात्रा सही नहीं डाली गई। सड़क निर्माण के दौरान काम कर रहे लोगों से इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया और सड़क निर्माण की खानापूर्ति करके चले गए।
अब डेढ़ महीने बाद ही सड़क की स्थिति पहले जैसी बन गई है। यह हालात तब हैं, जब निर्माण विभाग ने सड़क ों की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए डेंस (काली) सड़क बनाने का काम सिर्फ उन ठेकेदारों को दिया है, जिनके पास अपने हॉट मिक्स प्लांट है। यह सड़क भी हॉट मिक्स प्लांट वाले कांट्रेक्टर ने ही बनाई है, इसके बावजूद गुणवत्ता खराब है।
- सड़क की ऊपरी लेयर ठीक से नहीं डाली गई: पार्षद
वार्ड-11 की पार्षद लवली कौर ने भी सड़क निर्माण में धांधली का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर तारकोल आदि मैटीरियल अच्छा होता तो एक महीने में सड़क नहीं टूटती। उन्होंने महापौर अशु वर्मा से निर्माण में धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। उन्होंने कांट्रेक्टर के जरिए सड़क पर ऊपरी लेयर फिर से बिछवाने की मांग की है।
- पब्लिक बोली
कई बार पार्षद से शिकायत करने पर यह सड़क बनी, लेकिन एक महीना भी न चलीं। इसकी जांच होनी चाहिए। गुणवत्ता खराब मिली तो कार्रवाई होनी चाहिए। - सुशांत जैन, स्थानीय निवासी
नगर निगम विकास कार्य तो कराता है, लेकिन गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जनता का पैसा घोटालों में जा रहा है। सड़क पर दोबारा लेयर न बिछाई गई तो यह दो महीने भी नहीं टिक सकेगी। - आरके जैन, स्थानीय निवासी
- अधिकारी बोले
सड़क उखड़ने की शिकायत मिलने पर निरीक्षण कराया गया है। सुबह लोग कार धोते हैं और पानी सड़क पर बहा देते हैं। पानी से तारकोल की सड़क कमजोर हो जाती है। फिर भी अभी कांट्रेक्टर का भुगतान नहीं किया गया है। सड़क को रिपेयर कराया जाएगा। - एसएस चौहान, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
-पैचवर्क भी टूटे
बनते ही टूटने वाली सड़क सिर्फ पटेल नगर में ही नहीं है। सेठ मुकुंदलाल स्कूल के बगल वाली सड़क और मुकुंदनगर की अंदरूनी सड़कें भी उखड़ने लगी हैं। यह सड़कें वार्ड कोटे से 30 लाख की लागत से बनाई गई हैं। इनके अलावा बरसात से पहले किए गए पैचवर्क भी उखड़ गए हैं। होली चाइल्ड चौक, संजय नगर, नेहरू नगर में किए गए पैचवर्क टूट चुके हैं।