मायके गई एक महिला को उसके पति ने सिर्फ इतनी सी बात पर तलाक दे दिया कि वह मायके में दो दिन ज्यादा रुक गई थी। हालांकि अब पति महिला पर हलाला करने का दबाव बना रहा है, मगर महिला ने इससे साफ इंकार कर दिया है।
इस मुस्लिम महिला की सहायता के लिए भी जय शिव सेना संस्था सामने आई है। यह बेआसरा महिला भी अब धर्म परिवर्तन करने पर विचार कर रही है। पीड़ित महिला ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि पति ने मायके से उसे जल्द आने के लिए कहा, लेकिन वह अपने माता पिता के पास दो दिन अतिरिक्त रह गई।
ससुराल वापस पहुंचने पर पति ने पहले तो उसके साथ मारपीट की और फिर तीन बार तलाक बोल दिया। गुस्सा शांत होने के बाद शौहर ने उसे अपनाने की बात कह हलाला करने को कहा, लेकिन वह हलाला के लिए तैयार नहीं है।
पति ने उसे घर से निकाल दिया और मायके वालों ने भी पति की बात न मानने पर उसे घर में रखने से इंकार कर दिया है। पीड़िता का कहना है कि उसके दो बेटे हैं, जिन्हें पति ने अपने पास रख लिया है। अब वह घरों में खाना बनाकर अपना खर्च चला रही है।
जय शिव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित आर्यन ने बताया कि दूसरी महिला भी धर्म परिवर्तन की बात कह रही है। इससे पहले दामिनी को हम पूर्ण संरक्षण दे रहे हैं। हालांकि उन्हें कई तरफ से धमकियां भी मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि इन दो महिलाओं के अलावा भी तीन तलाक से पीड़ित कुछ अन्य महिलाएं भी उनके संपर्क में हैं। संस्था इनकी लड़ाई के लिए भी आगे आएगी।
संतों की उपस्थिति में होगा धर्म परिवर्तन
दामिनी (धर्म परिवर्तन के बाद का नाम) का धर्म परिवर्तन समारोह का आयोजन संतों की उपस्थिति में विधि विधान के साथ कराया जाएगा। दामिनी का कहना है कि वह धर्म परिवर्तन के बाद इस प्रथा से पीड़ित महिलाओं की आवाज उठाएंगी।