सर्दी का सितम लगातार बढ़ता रहा है। सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। मौसम विभाग की मानें तो अभी गलन और शीत लहर से राहत मिलने वाली नहीं है। दूसरी ओर, निगम के रैन बसेरों और अलाव के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
रैन बसेरों में सुविधाओं की कमी है। नगर निगम तय स्थानों पर भी अलाव नहीं जला पा रहा है। अधिकांश लोग खुद अलाव जलाकर सर्दी से बचाव कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के चलते चार-पांच दिन से सर्दी का असर दिखाना शुरू किया है।
शीत लहर के चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार तड़के तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
ऐसे में शीत लहर ने बेघर लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। वहीं निगम ने आश्रय स्थल भी लोगों को ठंड से नहीं बचा पा रहे हैं। उनमें सुविधाओं का टोटा तो है ही लोगों के रुकने के लिए और अलाव के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
मोहन नगर के अस्थाई रैन बसेरे में जगह की कमी
मोहन नगर ऑटो स्टैंड के पास निगम ने अस्थाई रैन बसेरा बनाया है। यहां लोगों के रुकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही रैन बसेरा फुल हो गया। बड़ी संख्या में लोगों को इधर-उधर जाकर रात गुजारनी पड़ी है। रैन बसेरे और आसपास गंदगी रहती है।
रेलवे रोड पर अस्थाई रैन बसेरा
रेलवे रोड पर बने अस्थाई रैन बसेरे में भी सर्दी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। बड़ी संख्या में यहां लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन लोगों को ओढ़ने के लिए कंबल भी नहीं मिल पा रहे हैं। लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। समय पर अलाव भी नहीं जल रहा है।
पुराने शहर में जलते मिले अलाव
मंगलवार को पुराने गाजियाबाद शहर में अलाव जलते हुए नहीं मिले थे। ‘अमर उजाला’ ने बुधवार के अंक में रैन बसेरे की बदहाली को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अधिकारियों ने सख्ती की और सभी रैन बसेरों पर अतिरिक्त लकड़ियां पहुंचवायी। बुधवार को नासिरपुर फाटक, पुराना बस अड्डा, विवेकानंद नगर रैन बसेरे में अलाव जलते मिले।
जरूरतमंदों की मदद में आगे आई संस्था
नीतिखंड स्थित झुग्गी झोपड़ी में परम प्राण योग संस्था की ओर से लोगों को कंबल और खाने का सामान बांटा गया। संस्था के अध्यक्ष मुनेश सिन्हा ने कहा कि जरूरतमंदों की मदद के लिए गरीबों को कंबल और खाद्य पदार्थ बांटे गए। संस्था की सदस्य सोनाली ने बताया कि फुटपाथ और झुग्गियों में रहने वालों को गर्म कपड़े बांटे जा रहे हैं।
रैन बसेरों में प्रतिदिन लकड़ी पहुंचाई जा रही है, लेकिन सर्दी बढ़ने से लकड़ियों की खपत बढ़ गई है। हालांकि कहीं से लकड़ी न पहुंचने की शिकायत नहीं मिली है। सुपरवाइजरों को मानीटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रतिदिन चार-पांच रैन बसेरों में निरीक्षण किया जाएगा।
- एसके तिवारी, संयुक्त नगर आयुक्त