गाजियाबाद। पापा मैं दुकान पर सामान लेने नहीं जाऊंगा, रास्ते में कुत्ते हैं, पार्क में खेलने नहीं जाऊंगा, वहां कुत्ते हैं। राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटियों में आवारा कुत्तों के आतंक डरे बच्चे अपने पापा-मम्मी से ऐसी बातें कहने लगे हैं।
गुलमोहर गार्डन निवासी पुनीत बंसल का कहना है कि उनकी सोसायटी में 4-50 आवारा कुत्ते हैं। अक्सर किसी न किसी को कुत्ते दौड़ा लेते हैं। उन्होंने बताया कि आठ साल का उनका बेटा शौर्य पार्क में अकेले जाने से डरता है। जब वह उसे दुकान से कुछ सामान लाने के लिए कहते हैं या पार्क में खेलने जाने के लिए कहते हैं तो वह कहता है कि मैं नहीं जाऊंगा वहां कुत्ते बैठे हैं। सोसायटी निवासी मृदुल सिन्हा का कहना है कि उनकी बेटी छह साल की है। कुत्तों के डर से पार्क में जाना छोड़ दिया है।
सोसायटी निवासी डॉ. नीतिका शुक्ला का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या सोसायटी में लगातार बढ़ रही है। कुत्तों ने हमला कर कई लोगों को जख्मी किया है। केडीपी ग्रैंड सवाना निवासी प्रगति गुप्ता का कहना है कि उनके बच्चे कुत्तों से डरे हुए हैं। मजबूरी में मोबाइल पर गेम खेल रहे हैं। सोसायटी में पिछले दो दिनों में दो लोगों को आवारा कुत्ते काट चुके हैं।ऑफिसर सिटी वन सोसायटी निवासी डा. अमित मिश्रा की दस वर्षीय बेटी को 15 दिन पहले आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर काट लिया था। अभी तक वह डरी हुई है।
फीडिंग प्वाइंट से हटकर खाना खिला रहे पशु प्रेमी
केडीपी ग्रैंड सवाना सोसायटी के एओए अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी का कहना है कि पशु प्रेमी फीडिंग प्वाइंट से हटकर कुत्तों को खाना खिला रहे हैं। इससे कुत्ते सोसायटी परिसर को न केवल गंदा कर रहे हैं बल्कि लोगों को काट रहे हैं। सोसायटी के लोगों के साथ मिलकर नियम बनाया जा रहा है कि फीडिंग प्वाइंट से हटकर खाना खिलाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। गुलमोहर गार्डन निवासी पुनीत बंसल का कहना है कि आवारा कुत्तों का विरोध करने पर पशु प्रेमी लड़ने को तैयार हो जाते हैं। केंद्रीय मंत्री के नाम की धमकी दी जाती है।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नगर निगम डाॅ. अनुज सिंह का कहना है कि फीडिंग प्वाइंट सार्वजनिक स्थान से हटकर बनाया जाना चाहिए। कुत्तों को उनके मूल स्थान से हटाया नहीं जा सकता है लेकिन पशु प्रेमियों को भी सोसायटी के अन्य लोगों को ध्यान रखना चाहिए। जिन सोसायटियों से शिकायत मिलती है उन स्थानों पर निगम की टीम भेजकर कुत्तों को पकड़ा जाता है और नसबंदी के बाद वहीं छोड़ दिया जाता है।