गाजियाबाद। पान मसाला कंपनी पर केंद्रीय जीएसटी टीम ने छापा मारकर पकड़ी टैक्स चोरी मामले में कंपनी ने दो करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। हालांकि यह रकम आंशिक तौर पर जमा कराई गई है, टैक्स चोरी करीब 30 करोड़ की पकड़ी गई है। दूसरी ओर, सीजीएसटी अधिकारियों ने सर्च के दौरान पकड़े गए ट्रकों में लदे माल का परीक्षण कराकर माल की कीमत का आकलन करा लिया है। दो ट्रकों में करीब 30 लाख से ज्यादा रकम का माल बरामद हुआ है।
सीजीएसटी ने बृहस्पतिवार को शुरू की गई सर्च शनिवार को पूरी कर ली थी। अब सर्च में सामने आए टैक्स चोरी के आंकड़ों का परीक्षण किया जा रहा है। सर्च के दौरान सीजीएसटी की टीमों को मिले स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर ली गई है। हालांकि सर्च में जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल और कंप्यूटरों की जांच अभी शुरू नहीं की जा सकी है। अधिकारियों का कहना है कि यह उपकरण कंपनी के प्रतिनिधियों के सामने साइबर एक्सपर्ट के माध्यम से खुलवाए जाएंगे, ताकि जांच की पारदर्शिता बनी रहे। कंपनी के डायरेक्टरों को सम्मन जारी करके बुलाया गया है। इन उपकरणों में टैक्स चोरी के कई राज छुपे हैं।
कच्चा माल भी फर्जी बिलों पर लाया जाता था
सीजीएसटी की सर्च में बड़ी मात्रा में ऐसा कच्चा माल पाया गया है, फिलहाल जिनके बिल नहीं मिले हैं। ऐसी जानकारी भी सीजीएसटी के अधिकारियों को मिली है कि चोरी-छिपे कच्चा माल लाकर उससे पान मसाला तैयार करके बिना बिल बिक्री कर दिया जाता था। यानी माल के न तो आने और न ही जाने की सूचना रिकॉर्ड में रखी जाती थी।
कई अन्य कंपनियां भी सीजीएसटी के निशाने पर
पान मसाला कंपनी पर बड़ी कार्रवाई के बाद अब केंद्रीय जीएसटी के अधिकारियों के निशाने पर कई बड़ी फर्म हैं। बड़ी संख्या में फर्म ऐसी हैं जो जीएसटी रिटर्न के आंकड़ों में हेराफेरी की वजह से रेड फ्लैग जोन में पहुंच गई हैं। इन फर्माें के आंकड़ों का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण में टैक्स चोरी की पुष्टि हुई तो जल्द ही ऐसी अन्य फर्माें पर कार्रवाई हो सकती है।