दशहरा के दिन सभी रामलीलाओं में बुराई पर अच्छाई का जीत असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक पुतलों का दहन किया गया। राम-रावण युद्ध और पुतला दहन कार्यक्रम को देखने के लिए दूर-दूर से लोगों की भीड़ रामलीला मैदानों में उमड़ पड़ी। शाम पांच बजे से ही लोग रामलीला मैदानों में पहुंचने लगे थे।
सुल्लामल रामलीला में अहिरावण और रावण वध का मंचन किया गया। कुंभकरण मेघनाद वध के बाद रावण अपने पुत्र अहिरावण को युद्ध भूमि में भेजते हैं। हनुमान उसका वध कर देते हैं। उसके बाद रावण स्वयं युद्ध भूमि में आता है। युद्ध के समय श्रीराम रावण के जितने सिर काटते हैं, उतने ही सिर वापस आ जाते हैं।
बाद में विभीषण नाभि कुंड में अमृत के बारे में बताता है। इस पर भगवान राम रावण की नाभि पर तीर चलाते हैं और रावण का वध कर देते हैं। रामलीला के अंत में डीएम निधि केसरवानी और एसएसपी सुनील इमुनेएल ने पुतलों का दहन किया। इस दौरान महामंत्री मनोज गोयल, उस्ताद अशोक गोयल, प्रधान अजय बंसल, अनिल चौधरी, शिवओम बंसल और श्रीकांत राही मौजूद रहे।
कविनगर रामलीला
कविनगर में कुंभकरण-मेघनाद वध, राम-रावण युद्ध का मंचन हुआ। रावण और श्रीराम में युद्ध होता है। युद्ध भूमि में नाभि कुंड का पता चलता है तब श्रीराम रावण की नाभि में बाण छोड़ते हैं और रावण धरती पर गिर जाता है।
रावण के धरती पर गिरते ही धरती हिल जाती है। नभ से देवता पुष्पवर्षा करने लगते हैं। इस रामलीला में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने पुतले का दहन रिमोट का बटन दबाकर किया। इसके अलावा डीएम निधि केसरवानी मौजूद रहीं। रामलीला के दौरान बलदेव राज शर्मा, अध्यक्ष ललित जायसवाल, भूपेंद्र चोपड़ा, अजय जैन, अजय गुप्ता, मयंक जैन, वेद प्रकाश माकड़ आदि मौजूद रहे।
संजयनगर रामलीला में फूंका गया पाकिस्तान का पुतला
संजयनगर में भी रावण वध का मंचन हुआ। इस रामलीला में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों के साथ पाकिस्तान का भी पुतला फूंका गया। इस मौके पर अध्यक्ष संजीव चौधरी, महामंत्री अरुण शर्मा, रविंद्र सिंह राणा, अमरदत्त शर्मा, चेतन यादव, कौशल शर्मा आदि मौजूद रहे।
राजनगर रामलीला
श्री रामलीला समिति राजनगर में कुंभकरण वध, मेघनाद वध, सुलोचना मिलाप, रावण वध और दशहरा महोत्सव मनाया गया। पुतलों को जिलाधिकारी ने आग लगाई। इस मौके पर मुख्य रूप से अध्यक्ष राकेश मिश्रा, संरक्षक रामगोपाल कौशिक, महामंत्री जितेंद्र यादव, एसएन अग्रवाल, ब्रजमोहन सिंघल, आनंद प्रकाश आदि मौजूद रहे।
सुबह से रावण की पूजा को लगी रही भीड़
घंटाघर रामलीला मैदान में सुबह से रावण की पूजा करने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। लोग रावण के पैरों पर खील बताशे चढ़ाकर आशीर्वाद ले रहे थे। मेले में मौजूद प्रेम कुमार ने बताया कि रावण एक विद्वान ब्राह्मण था। लोग उसकी पूजा भी करते हैं कई लोेग दशहरे के दिन बच्चों का मुंडन भी कराते हैं। सुबह से लेकर शाम तक लोग रावण के पुतलों के पास ही पूजा करते रहे।