गाजियाबाद। कोरोना की दूसरी लहर के बाद ऑक्सीजन की कमी से निपटने के तमाम दावे किए गए। लाखों रुपया खर्च कर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए, लेकिन अब इन प्लांटों की दुर्दशा होने लगी है। जिले के पांच स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे ऑक्सीजन प्लांटों को एक दिन भी चलाकर नहीं देखा गया। लोनी, मोदीनगर, मुरादनगर, भोजपुर और डासना के स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर जिला संयुक्त अस्पताल या फिर एमएमजी अस्पताल में रेफर किया जा रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सांसों पर संकट गहराने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर अस्पतालों तक में ऑक्सीजन के पुख्ता बंदोबस्त करने का दावा किया गया था। ऑक्सीजन के प्लांट तो लगे, लेकिन स्वास्थ्य महकमा अब इनका रखरखाव करना भूल गया है। एक सप्ताह पहले मॉक डि्ल के के दौरान लोनी, डासना, मोदीनगर और मुरादनगर स्वास्थ्य केंद्र पर लगे ऑक्सीजन प्लांट चालू ही नहीं हो पाए। जांच करने पर पता चला कि दो साल पहले इन्हें लगाए जाने के बाद एक बार भी चलाकर नहीं देखा गया। हालांकि अगले दिन काफी मशक्कत के बाद तीन प्लांट चालू किए गए मगर दो प्लांट फिर भी नहीं चले
डॉक्टर की कमी का हवाला देकर मरीज रेफर
जिन मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है उन्हें जिला अस्पताल और एमएमजी रेफर कर दिया जाता है। हालाकि ऑक्सीजन प्लांट बंद होने की बात को छुपाकर डॉक्टर नहीं होने की बात का हवाला दिया जाता है। जिले में चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी के अलावा ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजपुर संचालित हैं। इन केंद्रों पर शासन स्तर से 93 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। इनमें सीएचसी पर पांच डॉक्टर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो डॉक्टरों के पद हैं। यहां तैनात डॉक्टर मरीजों के उपचार से ज्यादा झोलाछाप को नोटिस देने और अन्य कार्यों में लगे रहते हैं। इस कारण से मरीजों के इलाज में परेशानी होती है। स्वास्थ्य केंद्रों पर दोपहर दो बजे के बाद आने वाले मरीजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। यही कारण है कि किसी भी सीएचसी व पीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट कभी संचालित नहीं किए गए।
एमएमजी में शुरू हुआ आक्सीजन प्लांट
गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में स्थापित 10 हजार लीटर क्षमता वाला तरल ऑक्सीजन प्लांट रविवार से शुरू हो गया है। उद्घाटन स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. वीके सिंह ने किया। इस प्लांट को चालू रखने में बिजली आपूर्ति की जरूरत नहीं होगी। ऑक्सीजन प्लांट का नियमित रूप से उपयोग शुरू हो गया है। केंद्रीय राज्यमत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक मरीजों के उपचार को लेकर गंभीर है। मरीज को सरकारी स्तर पर चिकित्सीय सुविधा से वंचित न होना पड़े, इसके लिए लगातार व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। इस दौरान सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी, डॉ. आरपी सिंह मौजूद रहे।
जिले में ऑक्सीजन प्लांटों की स्थिति
स्थान क्षमता
एमएमजी अस्पताल 1000 और 160 एलएमपी
कंबाइंड अस्पताल 500 और 150 एलएमपी
महिला अस्पताल 500 एलएमपी
पीएचसी भोजपुर 330 एलएमपी
सीएचसी लोनी 330 एलएमपी
सीएचसी डासना 330 एलएमपी
सीएचसी मोदीनगर 300 एलएमपी
सीएचसी मुरादनगर 250 एलएमपी