माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कृषि यंत्रीकरण की विभिन्न योजनाओं में कृषि यंत्रों और उपकरण के वितरण में कस्टम हायरिंग सेंटर में टोकन जनरेट करते समय डीलरों या अन्य किसी व्यक्तियों द्वारा विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के नाम पर मोबाइल नंबर डालकर टोकन जनरेट किया जा रहा है। जिससे किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी शिकायतें भी विभागों में आ रही है। इसकेा संज्ञान में लेते हुए कृषि निदेशक सोराज सिंह ने निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत कृषि यंत्रों के वितरण कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना का टोकन जनरेट करने के लिए ओटीपी प्राप्त करने के लिए दिया गया मोबाइल नंबर किसान का स्वयं का हो या फिर उसके परिवार के किसी खून के रिश्ते के सदस्य का होना चाहिए। अगर मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति का होगा तो इस दशा में चयन निरस्त कर दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी राकेश कुमार मौर्य ने बताया कि लाभार्थी द्वारा क्रय किए गए कृषि यंत्रों के भौतिक सत्यापन के दौरान मोबाइल नंबर अवश्य सत्यापित कराए जाए। यदि किसी डीलर ने अपना मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी प्राप्त कर टोकन जनरेट किया तो ऐसे डीलर को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की जाएगी।