गाजियाबाद। हाईवे पर नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई और अपराधियों की निगरानी के लिए एनएचएआई की ओर से दो बार प्रस्ताव तैयार होने के बाद भी अभी तक एनएच नौ पर कैमरे नहीं लग सके हैं। एनएचएआई के अनुसार, डीएमई पर जिस प्रकार से हाईटेक कैमरों को लगाया गया है, उसी प्रकार के कैमरे एनएच-9 की तरफ भी लगाने के लिए पुलिस कमिश्नेरट की ओर से आदेश दिया गया है। इसके तहत मसूरी से छिजारसी टोल तक 52 कैमरे लगाए जा चुके हैं, लेकिन पुलिस की ओर से बताए गए एएनपीआर कैमरे अब तक इंस्टॉल नहीं हो सके हैं। पिछले तीन माह से इसको लेकर लगातार कवायद के बाद भी अभी तक सिर्फ केबल को बिछाने का कार्य चल रहा है। वहीं, पुलिस की मॉनिटरिंग के लिए बनने वाला कंट्रोल रूम भी अभी तक तैयार नहीं हो सका है। एनएच-9 पर लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बावजूद इस पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पा रहा है। दूसरी तरफ ट्रैफिक पुलिस भी हाईवे के किनारे से अतिक्रमण को हटाने का काम करेगी। वहीं, कैमरों से चालान भी होंगे। एनएचएआई की सर्वे रिपोर्ट बताती है कि एनएच-9 पर प्रतिदिन करीब तीन लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों समेत दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा व राजस्थान समेत कई राज्यों में आते-जाते हैं।
पुलिसकर्मी करेंगे मॉनिटरिंग और चालान
एनएचएआई के साइट इंचार्ज लोकेश तोमर ने बताया कि पुलिस विभाग के अधिकारियों के निर्देशानुसार 34 ब्लॉइंड स्पॉट पर कैमरों को लगाया जा चुका है। दो स्थानों पर एएनपीआर कैमरों को लगाना है। जिसके लिए कैमरे आ चुके हैं। इसके लगने के बाद पुलिसकर्मी इससे चालान और अन्य कार्रवाई कर सकेंगे।