अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, जिया लाल ने अपनी पत्नी अंजू लता भारती और पुत्र अंकित पर पिटाई, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। अर्जी में यह भी उल्लेख था कि घरेलू विवाद के दौरान उन्हें अपने ही मकान में रहने से रोका गया और पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कोर्ट ने थाना अंकुर विहार से रिपोर्ट तलब की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि मामले में कोई अभियोग पंजीकृत नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि यह मामला प्रथम दृष्टया पारिवारिक और वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रतीत होता है।
अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि हर मामले में पुलिस जांच अनिवार्य नहीं होती। ऐसे मामलों में न्यायालय कंप्लेंट केस के माध्यम से स्वयं तथ्यों की जांच कर सकता है। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र को कंप्लेंट के रूप में दर्ज करते हुए अगली सुनवाई और बयान दर्ज करने की तिथि एक अगस्त 2026 निर्धारित की। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई निष्पक्ष तरीके से की जाए और सभी पक्षों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।