गाजियाबाद। गोशाला अंडरपास में बनी सीसी रोड की टीएसी जांच कराई जाएगी। मेयर और नगर आयुक्त ने मंगलवार सुबह गोशाला अंडरपास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई मिली, जबकि दो माह पहले ही नगर निगम ने इस रोड को बनाने में करीब 30 लाख रुपये खर्च किए थे।
इतने कम समय में रोड कैसे टूट गई, मेयर ने इसकी जांच टीएसी से कराने के आदेश दिए हैं। मेयर ने इस संबंध में मेरठ मंडल के कमिश्नर को पत्र भी लिख दिया है। गोशाला अंडरपास बीते तीन दिनों से बंद है। इससे लाइनपार क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
मेयर अशु वर्मा ने बताया कि यह सीसी रोड अवस्थापना निधि से बीते दिसंबर व जनवरी में बनाई गई थी। रोड बनाने पर 30 लाख रुपये की लागत आई। सीसी रोड की मियाद ज्यादा होती है।
इसके बाद भी रोड टूट गई और इसमें गड्ढे हो गए। ऐसे में इसकी जांच कराई जा रही है। सीसी रोड का ठेका किसे दिया गया, जेई व एई कौन थे और कर्मचारी कौन थे। दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को सस्पेंड भी किया जाएगा।
उधर, सीसी रोड की गुणवत्ता अच्छी न होने के कारण रोड़ियां निकल कर ऊपर आ गई हैं। जिसकी वजह से नगर निगम ने रोड पर फिक्सिट कंपाउंडिंग कराकर उसे क्योरिंग के लिए छोड़ रखा है। वैसे अंडरपास बंद होने से विजय नगर, प्रताप विहार और नोएडा जाने के लिए 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। मेयर अशु वर्मा के साथ नगर आयुक्त अब्दुल समद भी मौजूद रहे।