नगर निगम बोर्ड की बैठक अचानक रद्द कर दिए जाने को लेकर विपक्षी दलों के पार्षदों ने मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा, बसपा और कांग्रेस के पार्षद सोमवार से नगर निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
पार्षदों ने बोर्ड बैठक की तारीख तय किए जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। इसकी सूचना उन्होंने डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त को भी भेज दी है। सपा पार्षद दल के नेता जाकिर सैफी ने आरोप लगाया कि मेयर अशु वर्मा ने भाजपा के तीन-चार पार्षदों के कहने पर बोर्ड बैठक रद्द कर दी।
इसकी वजह से विकास कार्य बाधित होंगे। चुनावी साल में विकास कार्य बाधित होने से पार्षदों और जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बसपा पार्षद दल के नेता बाबू सिंह आर्य और कांग्रेस पार्षद दल के नेता राजीव भाटी ने भी जाकिर सैफी के इस धरने का समर्थन करने की घोषणा की है।
राजीव भाटी का कहना है कि भाजपा पार्षद मोनिका मित्तल की लिखित शिकायत पर मेयर ने बैठक रद्द करने का निर्णय सिर्फ इस आधार पर ले लिया कि एजेंडा बैठक से 96 घंटे पहले नहीं पहुंच पाया था। उनका कहना है कि मोनिका मित्तल किसी भी बैठक में एजेंडे पर चर्चा ही नहीं करतीं।
बाबू सिंह आर्य का कहना है कि मेयर भाजपा के चार-पांच पार्षदों के कहने पर निगम चला रहे हैं। ऐसा नहीं चलने देंगे। दूसरी ओर, भाजपा पार्षदों का कहना है कि उन्हें बैठक से एतराज नहीं है, लेकिन उसके मानक पूरे होने चाहिए। दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि अधिकारियों के इशारे पर कुछ पार्षद धरने पर बैठने की बात कह रहे हैं। अधिकारी अपने हितों के कुछ प्रस्ताव पास कराने की प्लानिंग कर रहे हैं।