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Ghaziabad News: प्रतिबंधित कुत्ते पालने का विरोध कर रहीं महिलाओं पर हमला, कपड़े फाड़े

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नंदग्राम थाने पर प्रदर्शन करते गुलमोहर गार्डन सोसायटी के निवासी।
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की गुलमोहर गार्डन सोसायटी में सोमवार की शाम महिला पर प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते रॉटविलर के हमले के बाद मंगलवार की सुबह भारी हंगामा हो गया। सोसायटी की 30-40 महिलाओं ने प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते पाले जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। आरोप है कि इसी दौरान रॉटविलर को पालने वाले परिवार के सदस्यों ने लाठी-डंडों से प्रदर्शनकारी महिलाओं पर हमला कर दिया।
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हमले में दो महिलाएं घायल हो गईं। उनका कहना है कि पिटाई के दौरान हमलावरों में शामिल महिलाओं ने उनके कपड़े भी फाड़ दिए। पुलिस मौके से ही हमले के आरोपियों को पकड़कर थाने ले गई। इसके बाद सोसायटी के लोगों ने हिरासत में लिए गए लोगों पर केस दर्ज करने की मांग लेकर नंदग्राम थाने में प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर तीन महिलाओं समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया।
सुबह 10 बजे सोसायटी में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं का कहना था कि इससे पहले भी प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते सोसायटी में बच्चों और महिलाओं पर हमले कर चुके हैं। हमले में घायल एक महिला ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान ही रॉटविलर को पालने वाले विपिन चौधरी और विनय चौधरी परिवार की महिलाओं के साथ पहुंचे और हमला कर दिया।
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एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जानबूझकर चोट पहुंचाने की धारा 115(2), अपमानित करने की धारा 352, सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग करने की धारा 351(3), बल प्रयोग कर महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने की धारा 74, मारपीट कर महिला को निर्वस्त्र करने की धारा 76 के तहत केस दर्ज कर किया गया। इस मामले में विनय चौधरी, विपिन चौधरी और उनके परिवार की तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
हमले में लहूलुहान हो गईं थीं संगीता त्यागी : सोसायटी में सोमवार की शाम संगीता त्यागी (55) पर राॅटविलर नस्ल के कुत्ते ने हमला किया था। वह किसी से मिलने के लिए आई थीं। कुत्ते ने उनके हाथ पर छह जगह काटा। वह लहूलुहान हो गई थीं। सोसायटी के लोगों ने घटना के बाद ही हंगामा किया था। इस पर राॅटविलर को पालने वाले परिवार ने संगीता त्यागी का उपचार कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद मामला शांत हो गया था। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने बताया कि सोसायटी में दो साल पहले छह वर्ष की अमायरा को प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते ने हमला कर घायल किया था। इसके अलावा भी कई घटनाएं हो चुकी हैं।


24 नस्ल के कुत्तों पर है

नगर निगम की पाबंदी
नगर निगम ने 26 मार्च 2024 को 24 नस्ल के कुत्तों पर पाबंदी लगा दी थी। इसके तहत जो लोगों के पास पाबंदी लगाने की तारीख से पहले से ही इन नस्ल के कुत्ते हैं, उनके लिए पंजीकरण और कुत्तों की नसबंदी कराना अनिवार्य है। पाबंदी के बाद की तारीख से कुत्ते पालने की अनुमति नहीं है। इनका पंजीकरण ही नहीं किया जाएगा। पाबंदी के बाद भी कुत्तों के हमले की घटनाएं कम नहीं हुई हैं। नगर निगम सिर्फ उसी मामले में जुर्माना लगाने की कार्रवाई करता है, जिसमें शिकायत आती है।


प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते

पिटबुल, रॉटविलर, टोसा इनु, अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्राजालेरियो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोएरबोएल, कैंगल, सेंट्रल एशियाई शेफर्ड डॉग, कोकेशियान शेफर्ड डॉग, सर्प्लानिनैक,जापानी टोसा, अकिता, मास्टिफ्स, इओटवीलर, कैनेरियो, रोडेशियन रिजबैक, अक्बाश, वोल्फ डॉग, मॉस्को गॉर्ड, केन कोर्सो और टॉर्नजैक।




लोकसभा में भी उठ चुका

कुत्तों के हमले का मामला
गाजियाबाद में कुत्तों के हमलों का मामला कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इस पर लगाया जा सकता है कि यह लोकसभा में भी उठाया जा चुका है। पिछले साल गाजियाबाद के भाजपा सांसद अतुल गर्ग ने यह मामला उठाया था। उन्होंने कहा था कि अकेले गाजियाबाद में एक साल में 35,000 लोगों को कुत्तों ने काटा है। अक्सर छोटे बच्चे हमले के शिकार होते हैं। सांसद ने गर्ग ने यह भी बताया था कि जब किसी पर कुत्ता हमला करता है तो कुत्ते से प्यार करने वाले लोग मदद के लिए नहीं आते।
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