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Ghaziabad News: रुपये नहीं मिलने पर बुजुर्ग महिला का नहीं किया ऑपरेशन

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गाजियाबाद। कूल्हे के ऑपरेशन के लिए 30 हजार रुपये नहीं मिलने पर बुजुर्ग को बिना ऑपरेशन किए ही डिस्चार्ज करने का मामला सामने आया है। तर्क दिया गया कि ऑपरेशन के लिए अस्पताल में जरूरी व्यवस्था और आईसीयू नहीं है। इस कारण ऑपरेशन के दौरान कुछ भी हो सकता है। बुजुर्ग की बेटी ने व्हीलचेयर के लिए भी रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
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रिछपालपुरी निवासी सरोज जैन (83) 16 मई को घर में ठोकर लगने से गिर गईं थी। बेटी बबीता ने एमएमजी अस्पताल में मां को भर्ती कराया था। जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई है। ऑपरेशन के लिए इंप्लांट डालना होगा। इसमें 30 हजार रुपये का खर्च आएगा। बबीता ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की, उसके बाद सीएमओ ने बुजुर्ग का ऑपरेशन रोगी कल्याण समिति और रेड क्रॉस सोसायटी के फंड से कराने का आश्वासन दिया था। इंप्लांट के लिए रुपये नहीं देने पर अस्पताल प्रबंधन ने सरोज जैन के ऑपरेशन करने से यह कहकर मना कर दिया कि अस्पताल में इतनी बुजुर्ग महिला के ऑपरेशन की व्यवस्था नहीं है। बबिता ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ऑपरेशन से मना कर दिया था और मां को डिस्चार्ज कर दिया। अब वह अपनी मां के ऑपरेशन के लिए रिश्तेदारों से मदद मांग रही हैं।
व्हील चेयर देने के लिए भी मांगे रुपये

बबीता का आरोप है कि मां को जांच के लिए वार्ड से नीचे लाने के लिए व्हील चेयर मांगी गई तो वार्डबॉय ने सौ रुपये मांगे थे। मां को बैठाकर वार्ड से नीचे तक ले जाने में मदद के लिए रुपयों की मांग की गई। वार्ड में पीने के पानी की भी गंभीर समस्या थी। वाटर कूलर में पानी नहीं था, जिसके कारण उन्हें कई बार बाहर से पानी लाना पड़ा।
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अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह का कहना है कि बुजुर्ग की उम्र अधिक है। क्योंकि एनेस्थेसिया देने पर ऑपरेशन के दौरान आईसीयू की जरूरत है। यह सुविधा अस्पताल में नहीं है। इसलिए उन्हें हायर सेंटर पर ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई थी। इसके अलावा अगर किसी वार्डबॉय ने रुपये लिए हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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