गाजियाबाद। मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पतालों में इलाज कराने के लिए पुराने सांस रोगी पहुंचने लगे हैं। अस्पतालों में पिछले एक हफ्ते में ओपीडी की संख्या सामान्य से अधिक बढ़ी है, जिसमें सांस रोगियों की संख्या अधिक है। एमएमजी अस्पताल में पहले जहां रोजाना 1,800 से 2,000 रोगी ओपीडी में पहुंचते थे। वहीं, प्रदूषण बढ़ने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 2,300 से 2,400 हो गई है। मंगलवार को दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार कराने पहुंचे।
पिछले एक हफ्ते से अस्पतालों की ओपीडी में 1,500 से अधिक सांस के रोगी पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में सांस फूलने, ब्रांकाइटिस और फेफड़ों में सूजन के मरीज शामिल रहे। इसके अलावा सामान्य लोगों भी आंखों में जलन, सिरदर्द और गले में खराश की समस्या के मरीज पहुंच रहे हैं। एमएमजी के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि पिछले पिछले एक हफ्ते से ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिसमें पुराने सांस रोगी सहित सामान्य मरीज भी गले में खराश, सर्दी-जुकाम और सिर दर्द की समस्या लेकर आ रहे हैं। इमरजेंसी में भी सीओपीडी के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं।
फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि पुराने सांस रोगी और ब्रांकाइटिस के मरीजों को मौसम में बदलाव के कारण परेशानी अधिक हो रही है। मरीजों को सुझाव दिया जा रहा है कि बाहर निकलने से पहले मास्क पहनें, नियमित भाप लें। जो पुराने अस्थमा रोगी हैं वह इन्हेलर अपने पास रखें और गुनगुने पानी का सेवन करें।