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अफसरों ने ‘अपनों’ के वार्डों को किया मालामाल

Mon, 03 Oct 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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नगर ‌निगम - फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम में विकास कार्यों के लिए जारी हुए टेंडर को लेकर माहौल फिर गर्माने लगा है। निगम अफसरों के करीबी पार्षदों के वार्डों में एक से डेढ़ करोड़ के टेंडर जारी कर दिए गए हैं जबकि कई वार्डों में 50 लाख का कोटा भी पूरा नहीं किया गया। अफसरों की उपेक्षा से परेशान पार्षद मेयर और नगर आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं।
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नगर निगम अधिकारियों ने करीब तीन महीने पहले सभी 90 पार्षदों से 50-50 लाख के विकास कार्यों के प्रस्ताव लिए थे। इनमें 80 निर्वाचित और 10 नामित पार्षद शामिल हैं। इसके बाद निगम अफसरों के करीबी पार्षदों ने अपने वार्डों में अतिरिक्त काम पास करा लिए हैं।

वहीं महापौर ने भी अपने कोटे से कई पार्षदों के वार्डों को खुलकर बजट दिया है। टेंडर जारी करने से पहले निगम अफसरों को लगा कि ओवर बजटिंग हो रही है तो उन्होंने धीरेंद्र यादव, बबीता सिंह, महेश यादव, मोनिका मित्तल, कपिल त्यागी, चंद्रशेखर त्यागी, स्वरूप चंद शर्मा समेत कई ऐसे पार्षदों के वार्डों से काम कम कर दिए हैं, जिनसे उनकी नजदीकियां कम हैं।
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कई वार्ड में ऐसे काम काट दिए गए हैं, जो पार्षदों ने प्राथमिकता पर लिए थे। सपा पार्षद सत्यपाल यादव, जाकिर सैफी, बाबू सिंह आर्य, बाला यादव, राजीव भाटी समेत कई पार्षदों के वार्डों में एक से डेढ़ करोड़ के काम पास किए गए हैं।

ओवर बजटिंग के बावजूद अधिकारियों ने उनके काम काटना मुनासिब नहीं समझा। अब अफसरों की उपेक्षा का शिकार हुए पार्षदों की चिंता वार्ड कोटे के काम काटे जाने से इसलिए बढ़ गई है कि अगले साल उन्हें चुनाव में उतरकर जनता के बीच जाना है। विकास कार्यों पर ब्रेक लगा तो चुनाव में जनता का सामना करना मुश्किल होगा।


मेरे वार्ड-31 में 50 लाख के प्रस्ताव में से निगम अधिकारियों ने 24.80 लाख के काम पास किए हैं। 25 लाख के काम काट दिए गए हैं। इनमें आर्य नगर की जर्जर रोड बननी आवश्यक थी। निगम में विरोध दर्ज कराया है। जल्द ही बाकी टेंडर नहीं जारी किए गए तो धरना देंगे। - बबीता चौधरी, पार्षद
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वार्ड-27 में महज 33 लाख के काम पास किए गए, 17 लाख के काम बिना बताए लिस्ट से काट दिए गए। निगम अधिकारियों ने पक्षपात पूर्ण रवैया दिखाया है। 10-12 दिन इंतजार करूंगा, बाकी काम नहीं जारी किए गए तो जनता के साथ निगम पर आंदोलन करूंगा। - धीरेंद्र यादव, स्थानीय पार्षद
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अधिकारियों ने अपने चहेते पार्षदों के वार्डों में एक से डेढ़ करोड़ के काम पास कर दिए। बाकी पार्षदों का कोटा काटकर चुनिंदा पार्षदों को दे दिया गया। यह गलत है। नगर आयुक्त से मिलकर विरोध जताएंगे। सुनवाई नहीं हुई तो निगम पर धरना देंगे। - मोनिका मित्तल, पार्षद कविनगर क्षेत्र

मेयर बोले
कुछ काम ऐसे लगे हैं जो पार्षदों ने नहीं दिए थे, लेकिन वार्ड की जनता के लिए जरूरी थे। इनमें अधिकांश ऐसे मुख्य मार्ग हैं, जो दो वार्डों को जोड़ते हैं या बड़े बजट के काम हैं। इनमें से कुछ काम मेयर कोटे से लगे हैं और कई अधिकारियों ने जनता के कहने पर पास किए हैं। किसी से पक्षपात नहीं किया गया है। - अशु वर्मा, महापौर
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