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Ghaziabad News: दो माह से अधिकारी तलाशते रहे जमीन कुत्तों ने कर डाला 21.93 हजार को जख्मी

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गाजियाबाद। सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के बाद दो माह में 21932 लोगों को कुत्तों ने काटकर जख्मी कर डाला। वहीं निगम के अधिकारी खूंखार कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने की कोई पहल नहीं कर सके । वे जमीन तलाशने में ही जुटे रहे। लावारिस कुत्तों के आतंक पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से फिर से दो माह का समय दिया गया है नगर निगम के लिए यह चुनौती पूर्ण होगा।
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उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुज सिंह ने बताया कि पिछले दो माह से शेल्टर होम बनाने के लिए जमीन की तलाश का कार्य जारी है। अस्पताल, स्कूल और बस अड्डों के पास से लावारिस कुत्तों को हटाने के लिए सिंगल डॉग कैनल की व्यवस्था की जा रही है ताकि शेल्टर होम के तैयार होने तक उनके लिए व्यवस्था की जा सके।
भूमि मिलने के बाद शासन को शेल्टर होम बनाने के लिए पत्र लिखकर भेजा जाएगा। शासन की ओर से बजट और आदेश आने के बाद शेल्टर होम बनाने की कवायद शुरू की जाएगी। तब तक अस्थाई रूप से लावारिस कुत्तों को रखने के लिए व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
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बजट है बड़ी समस्या : नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो शेल्टर होम के निर्माण और लावारिस कुत्तों के रखरखाव और उनके भोजन पानी के लिए बजट सबसे बड़ी समस्या होगी। इसके लिए फंड कहां से आएगा इसके लिए भी निगम के अधिकारी विचार कर रहे हैं। शासन की ओर से भी लावारिस और खूंखार कुत्तों को लेकर विचार किया जा रहा है। इनके रखरखाव का खर्च किस मद में वहन किया जाएगा।
200 कुत्तों के शेल्टर होम से कैसे मिलेगी राहत : निगम की ओर से पहले चरण में 200 लावारिस कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम तैयार करने के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। शहर में इस समय लावारिस कुत्तों की संख्या लगभग 60 हजार पहुंच चुकी है। ऐसे में 200 कुत्तों को रखने की व्यवस्था करने के बाद भी नगर निगम प्रशासन को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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