क्षय रोग विभाग ने एडवांस टीबी का इलाज शुरू करने के साथ ही टीबी के सामान्य मरीजोें का इलाज बंद कर दिया है। यह बात सोमवार को तब पता चली जब मुरादनगर से आए सामान्य टीबी के मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया गया। कहा गया कि यहां सिर्फ एडवांस टीबी के मरीज ही भर्ती किए जाएंगे।
टीबी कंट्रोल प्रोग्राम के तहत एक ओर एडवांस टीबी रोगी एक्सडीआर और एमडीआर को इलाज दिया जा रहा है लेकिन सामान्य रोगियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा। सोमवार को टीबी विभाग में इलाज और सुविधा की क्वॉलिटी को देखने के लिए स्टेट लेवल के अधिकारियों की मीटिंग चल रही थी।
वहीं, मुरादनगर निवासी टीबी के मरीज सलीम (55) के अस्पताल पहुंचने पर उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया। तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें भर्ती नहीं किया गया। उनसे यहां तक कह दिया गया कि एंबुलेंस लेकर दिल्ली जाओ, एक हजार रुपये ही तो लगेंगे। सलीम को संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल से क्षय रोग विभाग के लिए रेफर किया गया था।
सलीम की बेटी नरगिस ने बताया कि उनके पिता पिछले तीन महीने से बीमार हैं। पहले दिल्ली गए, जहां कहा गया कि मुरादनगर में भी टीबी का इलाज है, वहां जाओ। अब यहां आए हैं तो यहां से दिल्ली रेफर किया जा रहा है।
टीबी सेंटर इंचार्ज बोले भर्ती नहीं, सीएमओ बोले भर्ती होगी
डीआरटीबी सेंटर के इंचार्ज सीपी जैन ने कहा कि डीआरटीबी सेंटर में सामान्य टीबी के रोगियों का इलाज नहीं हो सकता है। एडवांस टीबी के मरीजों के साथ भर्ती करने पर सामान्य रोगी को भी एडवांस स्टेज की टीबी हो जाएगी। उधर, सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल ने कहा कि सामान्य मरीज को भी क्षय रोग विभाग के वार्ड में भर्ती किया जाएगा । उधर, सलीम को परिजन लेकर दिल्ली रवाना हो गए।
पुराने वार्ड को तोड़कर बनाया गया डीआरटीवी सेंटर
सामान्य टीबी वार्ड को तोड़कर चार जनपदों के मरीजों के लिए डीआरटीवी सेंटर बनाया गया है। 20 लाख की लागत से बने इस वार्ड में सिर्फ एमडीआर के मरीजों का ही इलाज होगा। सामान्य टीबी मरीजों को भर्ती भी नहीं किया जाएगा। ऐसे में, सामान्य टीबी के मरीजों की हालत बिगड़ने पर वह कहां जाएंगे, भगवान ही मालिक है।
राज्य स्तरीय टीम ने किया गुणवत्ता का निरीक्षण
गाजियाबाद। क्षय रोग विभाग का निरीक्षण करने के लिए सोमवार को राज्य स्तरीय टीम गाजियाबाद पहुंची। टीम ने विभाग में बने नए डीआर टीबी सेंटर का निरीक्षण किया, इसके साथ ही पूरे साल का विभाग का लेखा-जोखा भी देखा।
इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर बने डॉट सेंटर और क्षय रोग सेंटर का भी निरीक्षण किया। टीम का निरीक्षण देर शाम तक चला। क्षय रोग अधिकारी डा. डीएम सक्सेना ने बताया कि गुणवत्ता का निरीक्षण करने के लिए हर साल टीम विभाग में आती है और निरीक्षण किया जाता है।