गाजियाबाद। एक माह से डेढ़ वर्ष तक के बच्चों में पाचन तंत्र में रक्तस्राव, निमोनिया व अन्य संक्रमणों की पहचान करने के लिए संजयनगर स्थित जिला संयुक्त अस्पताल में ऑकल्ट ब्लड टेस्ट की सुविधा शुरू की गई है। निजी अस्पतालों में इस तरह की जांच कराने पर अभिभावकों को करीब 2500 से 3000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। संयुक्त अस्पताल में यह जांच निशुल्क होने से अभिभावकों को राहत मिलेगी।
संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि छोटे बच्चों में कई बार बीमारी के स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आते हैं। ऐसे में ऑकल्ट ब्लड टेस्ट के माध्यम से चिकित्सकों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का आकलन करने में मदद मिल सकती है। जांच के परिणामों के आधार पर जरूरत के अनुसार आगे की जांच और उपचार की दिशा तय की जा सकेगी।
बच्चों में संक्रमण का समय पर पता लगाना जरूरी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही होती है, इसलिए उनमें संक्रमण का खतरा रहता है। कई बार बच्चे अपनी परेशानी बता नहीं पाते और अभिभावकों को भी शुरुआती लक्षण समझने में कठिनाई होती है। ऐसे में चिकित्सकीय जांच से बीमारी की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है। अभिभावकों को बच्चों में लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी या दूध पीने में कमी जैसे लक्षण दिखने पर चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
यह है ऑकल्ट ब्लड टेस्ट
पैथोलॉजिस्ट डॉ. सुरुचि के अनुसार, ऑकल्ट ब्लड टेस्ट में मल में छिपे खून का पता लगाया जाता है, जो सामान्य रूप से आंखों से दिखाई नहीं देता। इसे फीकल ऑकल्ट ब्लड टेस्ट भी कहा जाता है। इस जांच से पाचन तंत्र में रक्तस्राव के साथ ही निमोनिया व अन्य संक्रमणों का पता लगाने में मदद मिलती है।