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आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब चेहरे की पहचान जरूरी: आहार वितरण प्रक्रिया में बदलाव, जानें क्यों लिया गया यह कदम

Sun, 28 Jun 2026 10:48 PM IST
Akash Dubey माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब चेहरे की पहचान से पौष्टिक आहार मिलेगा। यह पारदर्शिता व फर्जीवाड़ा रोकने हेतु 1.24 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ देगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब चेहरे की पहचान (फेस रिकग्निशन) के जरिये पौष्टिक आहार वितरित किया जाएगा। शासन ने वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और फर्जीवाड़ा रोकने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू की है। इससे जिले के 1.24 लाख से अधिक लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।

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केंद्रों पर इस सत्र से रेडी-टू-ईट पोषाहार का वितरण किया जाना है, जिसकी शुरुआत जल्द होगी। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रकार का आहार उपलब्ध कराया जाएगा। पैकेटबंद पिसे हुए पोषाहार से बर्फी, हलवा, मालपुआ, पूड़ी, पकौड़ी समेत मीठे और नमकीन व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय ने बताया कि पोषाहार की खेप आ चुकी है और जल्द ही इसका वितरण शुरू किया जाएगा। वितरण के दौरान लाभार्थियों की फेस रिकग्निशन के जरिये पहचान कर उसका विवरण पोषण ट्रैकर एप पर अपलोड किया जाएगा। वर्तमान में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर 98 हजार बच्चे, 377 अति कुपोषित बच्चे और करीब 26 हजार गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। इन सभी को इस योजना का लाभ मिलेगा।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का एरियर जारी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का लंबित एरियर जारी होना शुरू हो गया है। कई कार्यकर्ताओं को करीब 13 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जबकि लगभग 4,500 रुपये की शेष राशि अभी मिलनी बाकी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अधिकांश कार्यकर्ताओं का एरियर जारी कर दिया गया है। अभी जिनकी राशि लंबित है, उसे भी चरणबद्ध तरीके से उनके खातों में भेजा जाएगा।
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