बुलंदशहर/नरसेना। गंगा किनारे क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जंगली जानवर लगातार हमला कर रहा है। सोमवार रात को पिलखनी और मंगलवार सुबह मवई गांव में तेंदुआ देखने का ग्रामीणों ने दावा किया है। मवई गांव में देखे गए तेंदुआ का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। डीएफओ के अनुसार क्षेत्र में तेंदुआ नहीं है। जो पैरों के निशान मिले हैं वह लकड़बग्घा या फिर शियार के हैं। जंगली जानवर की लगातार तलाश की जा रही है।
गांव पिखनी के ग्रामीणों ने बताया कि रात्रि के समय अलग-अलग तीन स्थानों पर तेंदुआ देखा गया। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार की रात को एक घेर में बंधी गाय को जंगली जानवर ने हमला कर मार दिया था। जबकि अब तेंदुआ देखे जाने के बाद ग्रामीण सहमे हुए हैैं। ग्रामीणों के अनुसार इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति रोष है। दूसरी ओर गांव मवई में भी ग्रामीणों ने तेंदुआ देखे जाने का दावा किया है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें तेंदुआ पेड़ पर बैठा है और कुछ देर बाद सफेदा के पेड़ से उतरकर ईख के खेत में घुसता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि लगातार तेंदुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। वहीं, डीएफओ ने क्षेत्र में तेंदुआ न होने का दावा किया है। जहां भी जंगली जानवर ने अभी तक हमला किया है, वहां पर विभाग की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही है। जल्द ही जंगली जानवर का पता कर लिया जाएगा।
अब तक ये हो चुकी हैं घटनाएं
जंगली जानवर ने सबसे पहले अहार क्षेत्र के गांव औरंगाबाद ताहारपुर में खेत पर सो रहे किसान बसंता पर हमला कर दिया था। इससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद जंगली जानवर ने अहार स्थित घेर में बंधे बकरे पर हमला कर उसे मार डाला। इसके बाद थाना नरसेना क्षेत्र के गांव पिलखनी में जंगली जानवर ने गाय पर हमला कर जान ले ली। इस जंगली जानवर का अभी तक वन विभाग पता तक नहीं लगा सका है। वहीं, अब लगातार तेंदुआ देखे जाने का ग्रामीण दावा कर रहे हैं।
गांव पिलखनी में बने पैरों के निशान लकड़बग्घा या फिर शियार के माने जा रहे हैं। गांव मवई में तेंदुआ देखे जाने का जो सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। वह पुराना है और यह वीडियो कई बार अलग-अलग स्थानों से वायरल हो चुका है। क्षेत्र के लोगों को सजग रहने की जरूरत है। - विनीता सिंह, डीएफओ।