गाजियाबाद के एक प्रोजेक्ट में देरी के कारण अदालत के निशाने पर आए पार्श्वनाथ डेवलपर्स ने भरोसा दिया है कि वह एक वर्ष में सभी खरीदारों को फ्लैट दे देगा। पार्श्वनाथ ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह वित्तीय संकट से जूझ रहा है और उसे पिछले वर्ष 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत ने प्रोजेक्ट में देरी के कारण मई में पार्श्वनाथ को 70 खरीदारों के पैसे लौटाने का आदेश दिया था। इस फैसले को कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
डेवलपर्स की ओर से पेश वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि कंपनी को पिछले वर्ष 400 करोड़ का घाटा हुआ है फिर भी एक वर्ष में लोगों को फ्लैट दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अदालत के बाद हालत यह है कि सभी खरीदार पैसे वापस मांगने लगे हैं, लेकिन वह पैसे लौटाने की स्थिति में नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट में बहुत पैसे लग चुके हैं। उन्होंने पीठ से कहा कि वह अदालत को आश्वस्त करना चाहते हैं कि एक वर्ष के भीतर सभी को फ्लैट दे दिया जाएगा। वहीं खरीदारों की ओर से पेश वकील ने पीठ के समक्ष कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) पहले ही इस परियोजना को नामंजूर कर चुका है।
उन्होंने कहा कि लोगों ने वर्ष 2007 में फ्लैट बुक कराए थे। वर्ष 2011 में सभी को फ्लैट मिलना था लेकिन अब तक फ्लैट नहीं मिले। इस पर डेवलपर्स की ओर से कहा गया कि हमारा खरीदारों से करार हुआ है और हम उन्हें एक वर्ष के भीतर फ्लैट दे देंगे।
कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले को और खींचना नहीं चाहते, आपको जीडीए के साथ जो करना है करें। उन्होंने कहा कि जीडीए से परियोजना को लेकर बातचीत की जा रही है।