टेंडर भले पास हो गया हो लेकिन गुणवत्ता के टेस्ट में फेल हुए डस्टबिन को अब नगर निगम नहीं खरीदेगा। अब केंद्र सरकार के ई-मार्केट प्लेस पोर्टल से डस्टबिन खरीदे जाएंगे। नगर निगम ने ई-मार्केट प्लेस पोर्टल पर फिलहाल 10 हजार डस्टबिन की डिमांड रजिस्टर्ड कर दी है।
अब सरकार की ओर से रजिस्टर्ड फर्म नगर निगम को डस्टबिन की आपूर्ति करेगी।नगर निगम में प्राइवेट फर्म से घटिया क्वालिटी के डस्टबिन खरीदे जाने का समाचार ‘अमर उजाला’ ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। टेंडर प्रक्रिया में पास फर्म का डस्टबिन हलका दबाव डालने पर ही टूट गया था।
खबर के प्रकाशित होने के बाद संज्ञान लेकर महापौर अशु वर्मा ने प्रभारी नगरायुक्त को आदेश जारी कर स्थानीय स्तर पर डस्टबिन खरीदने पर रोक लगा दी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सरकार के केंद्र सरकार के पोर्टल से ही डस्टबिन खरीदे जाएं।
महापौर के आदेश के बाद नगर निगम ने केंद्र सरकार के ई-मार्केट प्लेस पोर्टल से डस्टबिन खरीदने का निर्णय लिया है।बारह लीटर के डस्टबिन की कीमत करीब 60 से 65 रुपये के बीच होगी। महापौर अशु वर्मा ने बताया कि फिलहाल 10 हजार डस्टबिन का आर्डर दे दिया गया है। इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड फर्म केंद्र सरकार की ओर से नामित हैं।
उनके प्रोडक्ट की जांच करके ही उनका पंजीकरण किया गया है। ऐसे में यहां से डस्टबिन खरीदे जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर यह डस्टबिन निशुल्क बांटे जाएंगे, ताकि घरों में ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जा सके।